नई दिल्ली. भारतीय रेल आज 165 साल की हो गई है. आज ही के दिन 16 अप्रैल 1853 को पहली बार भारत की जमीन पर रेलगाड़ी चली थी. मुंबई के बोरीबंदर से ठाणे तक चली इस ट्रेन में उस समय लगभग 400 लोगों ने सफर किया था. आज भारतीय रेलवे लगभग ढाई करोड़ लोगों को रोज सफर कराती है. भाप इंजन से बढ़कर डीजल और फिर इलेक्ट्रिक इंजन के सफर से चलती हुई भारतीय रेल आज दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क वाले पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कतार में शामिल है. भारतीय रेल दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है. आइए देखते हैं भारतीय रेल के इस शानदार सफर की कुछ तस्वीरें.

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बोरीबंदर से ठाणे तक चली पहली ट्रेन से 400 लोगों ने सफर किया था. (फोटोः रेल मंत्रालय)

भाप इंजन से चली फ्रंटियर मेल की पहली तस्वीर. (फोटोः रेल मंत्रालय)

भाप इंजन से चली फ्रंटियर मेल की पहली तस्वीर. (फोटोः रेल मंत्रालय)

 

देश में 66 हजार किलोमीटर तक रेल नेटवर्क का जाल बिछा हुआ है. यह दुनिया के तीन सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक है. इतने बड़े रूट पर 21 हजार से ज्यादा पैसेंजर और गुड्स ट्रेनें रोज दौड़ती हैं.
माल ढुलाई के लिए भारतीय रेल देश में सबसे बड़ा परिवहन साधन है. देश में कोयले की ढुलाई सबसे ज्यादा 90 प्रतिशत रेलवे के जरिए ही की जाती है.


भारतीय रेल ने हाल के दिनों में आरामदायक और लग्जरी सफर के लिए हमसफर, तेजस, डबल डेकर जैसी ट्रेनों की शुरुआत की है. वहीं, पहले से दुरंतो, गतिमान, शताब्दी और राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें भी लग्जरी और तेज रफ्तार ट्रेनों की जमात में शामिल हैं.

राजस्थान के रजवाड़ों, महलों और अभयारण्य की सैर कराती है पैलेस ऑन व्हील्स.

राजस्थान के रजवाड़ों, महलों और अभयारण्य की सैर कराती है पैलेस ऑन व्हील्स.

बुलेट ट्रेन की प्रतीकात्मक तस्वीर. यह ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद तक चलेगी.

बुलेट ट्रेन की प्रतीकात्मक तस्वीर. यह ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद तक चलेगी.

 
भारतीय रेल ने वर्ष 2022 के अंत से देश में तेज रफ्तार बुलेट ट्रेन चलाने के लिए भी जापान सरकार के साथ समझौता किया है. देश की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलेगी.
भारतीय रेल पर्यटन के लिए कई विशेष ट्रेनें भी चलाती हैं, जिनमें पैलेस ऑन व्हील्स, महाराजा एक्सप्रेस, डेक्कन ओडिसी, गोल्डन चैरियट आदि शामिल हैं.