नई दिल्लीः जून 2014 में इराक के मोसुल में लापता हुए 39 भारतीयों की मौत की पुष्टि होने के बाद हंगामा मचा हुआ है. कांग्रेस ने इराक में बंधक बनाए गए 39 भारतीयों की मौत को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार पर मामले को संवेदनशील ढंग से नहीं निपटाने का आरोप लगाते हुए मांग की कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को इसके लिए सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए. साथ ही पार्टी ने यह भी कहा कि प्रत्येक मृतक के निकट परिजन को सरकार की ओर से दो करोड़ रुपए दिए जाएं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इन भारतीयों की मौत पर स्तब्धता जताते हुए गहरा शोक व्यक्त किया है.

पार्टी महासचिव अंबिका सोनी ने संवाददाताओं से कहा कि इस घटना को लेकर न केवल विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को मृतकों के परिजन से माफी मांगनी चाहिए बल्कि उन्हें अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री हरसिमरत के साथ सार्वजनिक तौर पर भी इसके लिए माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इराक में बंधक बनाए गए इन भारतीयों का मामला जुलाई 2014 से ही उठा रही थी. उसने संसद में विदेश मंत्री को तमाम साक्ष्य दिए जिनमें यह दावा किया गया था कि इन बंधक भारतीयों की जिदंगी खतरे में है या उन्हें मार दिया गया.

 

We want EAM Sushma Swaraj to go & meet the families of the deceased & apologise publicly. She should say that she kept them in the dark and that she had no concrete information: Ambika Soni, Senior Congress leader on 39 Indians killed in Iraq’s #Mosul pic.twitter.com/7WBdydMm8m

— ANI (@ANI) March 20, 2018

अंबिका ने कहा कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने हरजीत मसीह सहित हर व्यक्ति के दावों को नकार दिया था. उन्होंने संसद के पटल पर यह कहा था कि मोसुल में बंधक बनाये गये भारतीय न केवल जिंदा हैं बल्कि सकुशल हैं. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस मामले को संवेदनशील ढंग से नहीं निबटाया. उन्होंने कहा कि बंधक बनाए गए भारतीयों के परिवार पिछले चार साल से अपने प्रियजन का हाल जानने के लिए दर- दर भटक रहे थे.

अंबिका ने कहा कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि उनके सूत्र इस बात का संकेत दे रहे हैं कि बंधक बनाए गये भारतीय जीवित और कुशल हैं. उन्होंने कहा कि इन सूत्रों के बारे में वह अंबिका सोनी को नहीं बता सकतीं क्योंकि वह मंत्री नहीं हैं. कांग्रेस नेता के अनुसार सुषमा ने उच्च सदन में कहा था कि उन्होंने इन भारतीयों के सुरक्षित होने के सबूतों को तत्कालीन केन्द्रीय मंत्री हरसिमरत कौर के साथ साझा किया है.

वहीं नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह अक्षम्य है कि इराक में बंधक बनाए गए 39 भारतीय नागरिकों की मौत की जानकारी उनके परिवारों को सरकार के बजाय टीवी चैनलों से मिली. वहीं माकपा ने मौत की सूचना सरकार द्वारा परिजनों से पहले संसद को देने की कड़ी निंदा की है.