नई दिल्ली: रेलवे आम आदमी को एक और सुविधा देने जा रहा है. अब तक रेलवे में जो सैलून केवल आला अधिकारियों के लिए होते थे, अब उसका लाभ आम आदमी भी उठा सकेगा. रेलवे ने इस तरह की पहली सेवा पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से शुरू की है. इसे एक यात्री ने जम्मू मेल में पुरानी दिल्ली से कटरा रेलवे स्टेशन तक के लिए बुक कराया है.

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रेलवे सैलून में यात्रा कर रहे परिवार ने इसकी बुकिंग आईआरसीटीसी से 2 लाख रुपए में कराई है. रेलवे के अधिकारियों के लिए अंग्रेजों के जमाने से ही खास कोच बनाए जाते थे, जिसमें डाइनिंग रूम, किचन और दो बेडरूम होते हैं. इसके अलावा सैलून में पेंट्री कार और टॉयलेट मौजूद होता है. एक डिब्बें में दो परिवार सफर कर सकते हैं. देश के सभी रेलवे जोन में मौजूद सैलून को मिलाकर ऐसे कुल 336 कोच हैं जिनमें से 62 वातानुकूलित हैं.

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सैलून कोच में क्या सुविधाए होती हैं?
– एक सैलून कोच में दो बेडरूम, एर लाउंज, एक पेंट्री कार, एक टॉयलेट और एक किचन होता है.
– एक डिब्बे में इतनी जगह होती है कि इसमें दो परिवार एक साथ आराम से सफर कर सकता है.

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गौरतलब है कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने साल 2006 में इससे आखिरी यात्रा की थी। रेलवे सैलून में पूर्व राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद, डॉ एस राधाकृष्णन, डॉ जाकिर हुसैन, वीवी गिरि और डॉ एन संजीव रेड्‌डी ने तक यात्रा कर चुके हैं.

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प्रसाद से कलाम तक बने यात्री

डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. एस राधाकृष्णन, डॉ. जाकिर हुसैन, वीवी गिरि और डॉ. एन संजीव रेड्‌डी ने इससे यात्राएं की. 1977 के बाद से इसका इस्तेमाल नहीं हुआ. 11वें राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने 2006 में इससे आखिरी यात्रा की थी.