श्रीहरिकोटा. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (ISRO) ने गुरुवार को नेविगेशन सेटेलाइट सिस्टम-1 (IRNSS-1I) सफलतापूर्व लॉन्च किया. श्री हरिकोटा के सतीश धवन स्पेश सेंटर से सुबह 4.04 बजे PSLV-C41 रॉकेट के जरिए लॉन्च किया गया. IRNSS-1I पूरी तरह से भारतीय तकनीकी से बना नेविगेशन सेटेलाइट है. इसे इसरो ने दूसरे प्रयास में लॉन्च किया है.

IRNSS-1I नेविगेशन सेटेलाइट का वजन 1425 किग्रा है. इसकी लंबाई, ऊंचाई और चौड़ाई सभी 1.5 मीटर है. इसे 1420 करोड़ रुपये की मदद से तैयार किया गया है. IRNSS-1I में समुद्री नेविगेशन के साथ ही मैप और सैन्य क्षेत्र को भी मदद मिलेगी.

7नौवहन उपग्रह में पहला
IRNSS-1I आई के IRNSS-1डी की जगह लेने की उम्मीद है. यह सात नौवहन उपग्रहों में से पहला है और यह तीन रुबिडियम परमाणु घड़ियों के फेल होने के बाद निष्प्रभावी हो गया था. सातों उपग्रह नैवआईसी नौवहन उपग्रह पुंज का हिस्सा हैं.

पिछले साल मिशन हो गया था फेल
पिछले साल अगस्त में आईआरएनएसएस-1एच को ले जाने का पीएसएलवी का मिशन तब फेल हो गया था जब उपग्रह को वायुमंडल की गर्मी से बचाने के लिए इसे ढककर रखने वाला कवच (हीट शील्ड) अलग नहीं हो पाया था. इसरो ने कहा, भारत का ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान अपनी 43वीं उड़ान में (पीएसएलवी-सी41) 41वें व्यवस्था क्रम में आईआरएनएसएस-1आई उपग्रह को श्ररीहिरकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के प्रथम प्रक्षेपण पैड से प्रक्षेपित करेगा.