नई दिल्ली| बड़े नेताओं और अफसरों के रसूख की तो कई खबरें आती रहती हैं लेकिन सिर्फ एक मंत्री को पैदल ना चलना पड़े इसके चक्कर में रेल अधिकारियों ने ऐसा किया कि कई यात्रियों की ट्रेन ही छूट गई. मामला झारखंड का है जहां रेल अधिकारियों ने बुधवार की रात लगभग साढ़े दस बजे हटिया से पटना जा रही पाटलिपुत्र एक्सप्रेस में बैठे झारखंड सरकार के मंत्री के लिए अचानक प्लेटफॉर्म बदल दिया जिससे मंत्री को कोई परेशानी ना हो और ज्यादा पैदल ना चलना पड़े. मंत्री के लिए अचानक प्लेटफार्म बदल दिए जाने से कई यात्रियों की ट्रेन छूट गई.

आमतौर पर यह ट्रेन जसीडीह स्टेशन के दो या तीन नंबर प्लेटफॉर्म पर लगती है लेकिन मंत्री की सुविधा को देखते हुए रेल अधिकारियों ने ट्रेन को जसीडीह स्टेशन के दो या तीन नंबर प्लेटफॉर्म पर लगाने की बजाय एक नंबर प्लेटफार्म पर लगा दिया. इसी ट्रेन की सेकेंड एसी बोगी में झारखंड सरकार के नगर विकास मंत्री सीपी सिंह सफर कर रहे थे और उन्हें देवघर जाना था.

यात्रियों का आरोप है कि ट्रेन के प्लेटफॉर्म बदलने की कोई घोषणा भी नहीं की गई जिस वजह से इसी ट्रेन का प्लेटफॉर्म दो और तीन पर इतंजार कर रहे कई यात्रियों की ट्रेन छूट गई. वहीं अचानक दूसरे प्लेटफॉर्म पर ट्रेन को आता देख यात्रियों में भी अफरा-तफरी मच गई. ट्रेन पकड़ने के लिए बुजुर्ग, महिलाओं और बच्चों को फुट ओवर ब्रिज पार कर एक नंबर प्लेटफॉर्म पर आना पड़ा. जसीडीह उतरने वाले यात्री हैरान हो गए कि यह ट्रेन कभी प्लेटफार्म नंबर एक पर नहीं आती.

इन स्थितियों में बदले जा सकते हैं प्लेटफॉर्म
रेल नियमों के मुताबिक राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया, हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के लिए ही प्लेटफॉर्म बदले जाते हैं. इसके अलावा विषम परिस्थिति में ही प्लेटफार्म बदला जाता है. लेकिन इसकी सूचना समय से पहले ही स्टेशन पर मौजूद यात्रियों को देना भी जरूरी रहता है.