बेंगलुरू: कर्नाटक में 12 मई को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए सत्तारूढ़ कांग्रेस की तरफ से उम्मीदवारों की घोषणा के एक दिन बाद पूरे राज्य में जिन उम्मीदवारों को टिकट नहीं मिला, उनके समर्थकों ने प्रदर्शन किए और कई स्थानों पर आंदोलन हिंसक हो गया. इस बीच राज्यसभा के पूर्व उपसभापति के. रहमान खान ने अपने बेटे को टिकट नहीं मिलने पर पार्टी नेतृत्व से नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और गृह मंत्री सहित सभी मंत्रियों के बेटे को टिकट दिया गया लेकिन उनके बेटे को टिकट नहीं दिया गया.

कई टिकट आकांक्षियों के समर्थकों ने सोमवार को हंगामा किया और कांग्रेस दफ्तरों में तोड़फोड़ की, राष्ट्रीय राजमार्ग को बाधित कर दिया और बेंगलुरू में कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किए. विजयपुरा, तुमाकुरू, धारवाड़ और चिकमंगलुरू जिले में भी प्रदर्शन हुए. पुलिस ने बताया कि तुमाकुरू जिले के तिपतुर में एक व्यक्ति ने अपने नेता के. शदाक्षरी को टिकट नहीं देने पर अपने शरीर पर केरोसिन तेल छिड़ककर कथित तौर पर आत्मदाह का प्रयास किया.

उन्होंने बताया कि चिकमंगलुरू में गायत्री शांतागौड़ा के हजारों समर्थक कांग्रेस कार्यालय में घुस गए और उन्हें टिकट नहीं दिए जाने के विरोध में फर्नीचर तोड़ डाले. गायत्री 2013 के चुनावों में हार गई थीं. गायत्री ने दावा किया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने उन्हें टिकट देने का आश्वासन दिया था. मंड्या में कांग्रेस कार्यालय में इसी तरह के दृश्य देखने को मिले जहां गनीगा रवि कुमार के समर्थकों ने पीसीसी कार्यालय में फर्नीचर तोड़ दिए.

उडुपी में भी प्रदर्शन हुए जहां उदयकुमार शेट्टी के समर्थकों ने आरोप लगाया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली के कहने पर उन्हें टिकट नहीं दिया गया. नेलामंगला में अंजनामूर्ति के सैकड़ों समर्थकों ने अपने नेता को टिकट नहीं मिलने के विरोध में तुमाकुरू जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग को बाधित कर दिया.