नई दिल्ली. कर्नाटक में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए विभिन्न दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है. संभावित प्रत्याशियों ने विधानसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया है. इन्हीं नामांकन पत्रों के साथ जमा किए गए शपथपत्र के आधार पर एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने उम्मीदवारों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले हैं. इससे पता चला है कि 2013 का विधानसभा चुनाव जीतकर आने वाले 35 प्रतिशत से ज्यादा मौजूदा विधायकों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. एडीआर ने नामांकन पत्रों के साथ दिए गए एफिडेविट के आधार पर कुल 224 में से 207 उम्मीदवारों के आपराधिक रिकॉर्ड, उनकी संपत्ति, शैक्षणिक योग्यता आदि का विश्लेषण किया है. बता दें कि यह गैर सरकारी संगठन चुनाव सुधार के क्षेत्र में काम करता है. यहां यह गौरतलब है कि राजनीति में अपराध के विषय पर इसी साल केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया था कि देश में एक हजार 765 सांसद और विधायकों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं.

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सबसे ज्यादा मुकदमे कांग्रेस के विधायकों पर
एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार 2013 का विधानसभा चुनाव जीतने वाले 207 में से 68 विधायकों ने अपने ऊपर मुकदमों की जानकारी घोषित की है. एडीआर के अनुसार प्रदेश की तीन प्रमुख पार्टियों में से सबसे ज्यादा आपराधिक छवि के विधायक सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के हैं. एडीआर के अनुसार कांग्रेस के 114 विधायकों में से 36 के खिलाफ घोषित तौर पर आपराधिक मुकदमा दर्ज है. वहीं 17 विधायकों पर गंभीर किस्म का अपराध करने का मुकदमा है. एडीआर ने भारतीय जनता पार्टी के 40 विधायकों की एफिडेविट की जांच-पड़ताल के आधार पर कहा है कि पार्टी के 13 विधायकों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज है. वहीं भाजपा के 8 विधायक गंभीर किस्म के आपराधिक मुकदमे में शामिल पाए गए हैं. इसके अलावा राज्य के तीसरे प्रमुख दल जनता दल (एस) के उम्मीदवारों द्वारा घोषित विवरणों की भी एडीआर ने जांच की है. एडीआर ने जनता दल (एस) के 35 विधायकों की एफिडेविट का आधार पर बताया है कि पार्टी के 11 विधायकों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज है, जबकि इसके 5 विधायकों के खिलाफ संगीन अपराध करने के मामले दर्ज हैं.

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207 विधायकों में से 193 हैं करोड़पति
एडीआर ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के मैदान में भाग्य आजमाने जा रहे सभी दलों के उम्मीदवारों द्वारा घोषित संपत्ति का रिकॉर्ड भी जुटाया है. इसके तहत कर्नाटक विधानसभा में विधायकों की औसतन संपत्ति 24.54 करोड़ रुपए है. एडीआर के अनुसार कांग्रेस के 114 विधायकों की औसतन संपत्ति 32.60 करोड़ है. वहीं भाजपा के 40 विधायकों की औसतन संपत्ति 13.23 करोड़ और जनता दल (एस) के 35 विधायकों की औसतन संपत्ति 12.80 करोड़ रुपए है. एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार 5 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति वाले विधायकों की संख्या राज्य में ज्यादा है. 207 विधायकों में से 193 एमएलए करोड़पति हैं. इनमें गोविंदराजनगर के विधायक प्रियकृष्ण सबसे अमीर हैं जिन्होंने अपने 910 करोड़ रुपए की संपत्ति घोषित की है. वहीं दावणगिरि के जगलौर के विधायक एच.पी. राजेश सबसे गरीब हैं, जिनके पास सिर्फ 7.5 लाख रुपए की संपत्ति है.

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कुछ और जानकारियां
1- इनकम टैक्स में सबसे ज्यादा आय घोषित करने वाले 5 विधायक हैं. इन्होनें अपनी वार्षिक आय 6 करोड़ रुपए घोषित की है. वहीं 207 में से 26 विधायकों ने आयकर विवरण नहीं दिया है.
2- 207 में से 79 विधायकों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता 5वीं से 12वीं के बीच बताई है, वहीं 128 विधायक स्नातक या उससे ज्यादा पढ़े-लिखे हैं.
3- कर्नाटक विधानसभा में 19 विधायक 25 से 40 वर्ष के बीच की आयु के हैं, 140 विधायक 41 से 60 वर्ष, 46 विधायक 61 से 80 वर्ष और 2 विधायक 80 वर्ष की आयु से अधिक के हैं.
4- विधानसभा में महिलाओं की संख्या मात्र 3 प्रतिशत है. 207 में मात्र 6 विधायक महिला है.
5- एडीआर ने 224 में से सिर्फ 207 विधायकों का विश्लेषण किया है. बाकी 17 का विश्लेषण नहीं किया गया है. एडीआर के अनुसार या तो वे विधानसभा के सदस्य नहीं रहे या उनके शपथपत्र स्पष्ट नहीं हैं.

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