जम्मू: पैडमैन फिल्म की कामयाबी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोग अब इस बारे में संजीदा सोच अपना रहे हैं. इस फिल्म के आने के बाद समाज ने इस विषय पर पहले से अधिक विचार विमर्श करना शुरू किया है. हालांकि फिल्म की कहानी एक सच्ची घटना से प्रेरित थी, लेकिन इसके रीयल हीरो अरुणाचलम मुरुगनंथम को सच्ची शोहरत एक्टर अक्षय कुमार ने दिलाई. अरुणाचलम मुरुगनंथम के आविष्कार से प्रेरित होकर जम्मू-कश्मीर की एक महिला ने कम कीमत वाले सैनिटरी नैपकिन बनाने का काम शुरू किया है.

सांबा जिले के घगवाल गांव की इस महिला ने ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को सशक्त बनाने के मकसद से शुरू की गई ग्रामीण विकास मंत्रालय की ‘उम्मीद’योजना के तहत मिली मदद से कम कीमत वाले सैनिटरी नैपकिन बनाने शुरू किए हैं. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने गांव में कम कीमत के पैड बनाने वाली इकाई स्थापित की है. इसके अलावा स्वयं-सहायता समूहों (सेल्फ हेल्प ग्रुप) की महिलाएं पैड बनाने के साथ- साथ उत्पाद की बिक्री भी कर रही हैं.

ग्रामीण विकास मंत्री अब्दुल हक खान और शिक्षा राज्य मंत्री प्रिया सेठी ने गुरूवार को इस इकाई का उद्घाटन किया. पीरियड्स के दौरान साफ-सफाई सुनिश्चित करने के मकसद से महिलाएं इन पैड्स की कीमत व्यावसायिक तौर पर उपलब्ध पैड्स के मुकाबले एक तिहाई तक कम रखने का प्रयास कर रही हैं. इस कार्य के माध्यम से वह अपनी आजीविका के साधन भी जुटा रही हैं और समाज को सहयोग भी कर रही हैं.

इनपुट भाषा