लखनऊ: आल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर का कठुआ काण्ड हिन्दू-मुस्लिम का मुद्दा नहीं है और कुछ दक्षिणपंथी ताकतें इसे साम्प्रदायिक चोला पहनाने का हताशापूर्ण प्रयास कर रही हैं. बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना खलील उर्रहमान सज्जाद नोमानी ने कहा कि सोशल मीडिया पर आजकल एक संदेश वायरल किया जा रहा है, जिसमें कठुआ काण्ड के विरोध में आगामी 20 अप्रैल को एआईएमपीएलबी समेत मुस्लिम संगठनों द्वारा भारत बंद का आह्वान किया गया है, यह एकदम झूठ है. कठुआ काण्ड हरगिज मुस्लिम मुद्दा नहीं है, इसे हिन्दू-मुस्लिम बनाना दरअसल बहुत बड़ी साजिश है.

उन्होंने कहा कि जो लोग यह देख रहे हैं कि देश की जनता उनका असल चेहरा पहचान चुकी है और आने वाले चुनाव में अवाम उनके प्रति अपनी सोच को वोट के जरिए जाहिर करेगी, वे ही इस मुद्दे को हिन्दू-मुस्लिम का मुद्दा बनाना चाह रहे हैं. नोमानी ने कहा कि जितने लोग कठुआ काण्ड में पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग कर रहे हैं, उनमें से ज्यादातर लोग हिन्दू भाई-बहन हैं.

उन्होंने कहा कि तमाम दबावों के बावजूद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कठुआ काण्ड में मजबूत और सख्त रुख अख्तियार किया है. जिस तरह पीड़ित पक्ष की वकील ने जान से मारने की धमकियों से डरे बगैर बातों को रखा, वह जाहिर करता है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समेत तमाम दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा मुल्क में जहर की इतनी खुराक पिलाने के बावजूद देश के लोग धर्मनिरपेक्ष हैं और वह मानवीय मूल्यों की रक्षा में यकीन करते हैं.

उन्होंने कहा कि ऐसे में किसी मुस्लिम संगठन द्वारा भारत बंद का आह्वान करने का सवाल ही नहीं उठता. यह उन लोगों की हताशा भरी कोशिश है, जो कठुआ काण्ड को हिन्दू-मुस्लिम बनाना चाहते हैं.