श्रीनगर। कठुआ गैंगरेप मामले के आरोपियों के समर्थन में आयोजित एक रैली में हिस्सा लेकर विवादों में आए भाजपा के दो मंत्रियों ने शुक्रवार को महबूबा मुफ्ती की सरकार से इस्तीफा दे दिया. हालांकि दोनों ने अपना इस्तीफा अभी प्रदेश पार्टी अध्यक्ष सत शर्मा को सौंपा है. गैंगरेप आरोपियों का समर्थन करने को लेकर दोनों विपक्ष के निशाने पर थे. आज ही पीएम मोदी ने दिल्ली में एक कार्यक्रम में कहा था कि घटना के दोषी किसी हाल में नहीं बख्शे जाएंगे.

दोनों मंत्रियों ने कठुआ गैंगरेप के आरोपियों के समर्थन में निकाली कई रैली में शामिल होकर भाजपा को मुश्किल में डाल दिया था. इसे लेकर जम्मू कश्मीर सरकार लगातार निशाने पर थी. विपक्ष की ओर से सवाल राज्य सरकार और भाजपा की ओर सवाल उछाले जा रहे थे. इस पूरे प्रकरण के बाद दोनों को सरकार से इस्तीफा देना पड़ा. बताया जा रहा है कि सीएम महबूबा मुफ्ती ने अपनी नाराजगी जताते हुए बीजेपी से दोनों मंत्रियों को हटाने को कहा था. इसी के बाद दोनों ने इस्तीफा दिया.

शर्मा ने कहा कि हां , दोनों मंत्रियों ने मुझे अपने इस्तीफे सौंप दिए हैं. उन्होंने कहा कि कल जम्मू में भाजपा विधायक दल की बैठक होगी है जिसमें इस मुद्दे पर आगे के कदम पर चर्चा होगी. यह पूछे जाने पर कि क्या वह इस्तीफों को मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को भेजेंगे? शर्मा ने कहा , हम इस पर और अन्य मुद्दों पर कल पार्टी की विधायक दल की बैठक में चर्चा करेंगे. वन मंत्री चौधरी लाल सिंह और उद्योग मंत्री चंद्र प्रकाश रैली में शामिल हुए थे.

कठुआ गैंगरेप: मासूम बच्ची के पिता का दर्द, हर रोज अपनी बेटी को याद करता हूं

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क्या है कठुआ मामला ?

कठुआ जिले में 8 साल की मासूम बच्ची से गैंगरेप का मामला सुर्खियों में है. जिले के रसाना में दो समुदायों की लड़ाई में देवस्थानी के केयरटेकर संजीराम ने अपने बेटे, भतीजे और कुछ पुलिस वालों के साथ मिलकर 8 साल की बच्ची का पहले अपहरण और फिर गैंगरेप को अंजाम दिया. इस लड़की को कई दिनों बंधक बनाए रखा गया और लगातार ड्रग्स दी जाती रही.

मासूम के साथ नाबालिग सहित कई लोगों ने दुष्कर्म किया. इस मामले में पुलिस के अधिकारी भी शामिल हैं. लड़की को सात दिन तक देवस्थान पर ही रखा गया था और कई बार उसके साथ रेप किया गया. बाद में बच्ची की बेरहमी से हत्या कर उसकी लाश जंगल में फेंक दी. बच्ची की छत-विक्षत लाश मिलने पर लोगों ने प्रदर्शन किया और सरकार पर दबाव बनाया. बाद में क्राइम ब्रांच को मामला दे दिया गया. खास बात ये भी है कि इस मामले में जम्मू कश्मीर बार एसोसिएशन भी आरोपियों का समर्थन कर रहा है.