नई दिल्ली। कठुआ गैंगरेप केस में आठ साल की मासूम बच्ची को इंसाफ देने की आवाज पूरे देश से उठ रही है. बॉलीवुड हस्तियों से लेकर आम आदमी तक को इस घटना ने झकझोर कर रख दिया है. बॉलीवुड के कलाकारों ने इस पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए मासूम को इंसाफ देने की मांग की है. वहीं सियासतदानों ने भी इस पर अपना दुख जाहिर किया है. बीजेपी और केंद्र सरकार की तरफ से मंत्री वीके सिंह ने अपना दर्द साझा किया. वहीं, जम्मू कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती ने कहा कि दोषियों की किसी हाल में नहीं बख्शा जाएगा.

वीके सिंह ने जताया दुख

वहीं, कठुआ मामले में केंद्रीय मंत्री वी के सिंह ने भी गहरा दुख जताया, उन्होंने कहा कि इंसान के तौर पर हमने बच्ची को निराश किया. लेकिन उसे न्याय से वंचित नहीं किया जाएगा. इस घटना पर दुख जताते हुए उन्होंने कहा कि हम इंसान के तौर पर अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा सके. इस मामले पर प्रतिक्रिया देने वाले वह भाजपा के शायद पहले मंत्री हैं.

महबूबा ने कहा, होगी सख्त कार्रवाई

वहीं, जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने आज कहा कि उनकी सरकार कानून को बाधित नहीं होने देगी और बच्ची के साथ इंसाफ होगा. महबूबा ने ट्विटर पर कहा, एक समूह के गैरजिम्मेदाराना कृत्यों और बयानों से कानून को बाधित नहीं होने दिया जाएगा. उचित प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है, जांच तेजी से चल रही है और इंसाफ किया जाएगा.

कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने भी इस घटना पर अपना गुस्सा जाहिर किया. उन्होंने मामले को धार्मिक रंग देने वालों को आड़े हाथों लिया. सिब्बल ने कहा कि जो भी रेप जैसे कृत्य को अंजाम देता है वो राक्षस होता है. वो हिंदू या मुसलमान नहीं होता है.

खानाबदोश बकरवाल मुस्लिम समुदाय से थी बच्ची

आठ साल की ये बच्ची खानाबदोश बकरवाल मुस्लिम समुदाय से थी. वह कठुआ के रसाना गांव के निकट अपने घर के बगल के जंगल से 10 जनवरी को लापता हो गई थी. इसके एक सप्ताह के बाद उसका शव उसी क्षेत्र से बरामद हुआ था. इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अब तक दो विशेष पुलिस अधिकारियों और एक हेड कांस्टेबल सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया है. हेड कांस्टेबल पर सबूत नष्ट करने के आरोप हैं. जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा दायर आरोपपत्र में कहा गया है कि उस समुदाय के लोगों को इस क्षेत्र से हटाने के लिए सावधानीपूर्वक बच्ची से बलात्कार और हत्या की साजिश रची गई थी.

आरोपियों के समर्थन में वकील

इस बच्ची की बलात्कार के बाद हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है क्योंकि जम्मू में वकीलों ने मामले को सीबीआई को सौंपने को लेकर कल बंद आयोजित किया था. कठुआ में वकीलों ने सोमवार को अपराध शाखा को आरोप पत्र दाखिल करने से रोकने की कोशिश की थी. आरोप पत्र में लड़की को कथित रूप से अगवा करने, उसे नशीला पदार्थ देने और एक पूजा स्थल में उससे बलात्कार और फिर हत्या करने के बारे में खौफनाक विवरण है. विपक्षी नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने भाजपा के दो मंत्रियों पर कोई कार्रवाई न करने को लेकर मुख्यमंत्री पर हमला बोला है. ये मंत्री आरोपियों के समर्थन में आयोजित एक रैली में शामिल हुए थे.

बॉलीवुड से भी उठी इंसाफ की मांग

कठुआ की घटना पर बॉलीवुड भी सदमे और गुस्से में है. बॉलीवुड कलाकारों ने एक सुर में इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए दोषियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई करने की मांग करते हुए सख्त सजा देने की मांग की है. देश को झकझोर देने वाली घटना पर जावेद अख्तर, अभिषेक बच्चन , स्वरा भास्कर और हंसल मेहता सहित फिल्म उद्योग के कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर इसकी भर्त्सना करते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया है.

कठुआ में आठ साल की एक बच्ची के साथ आठ लोगों ने बलात्कार करके उसकी निर्मम हत्या कर दी. जाने-माने पटकथा लेखक जावेद अख्तर ने कहा कि लोगों को महिलाओं के अधिकारों के लिए आगे आना चाहिए. उन्होंने लिखा, वह सभी लोग जो महिलाओं के लिए न्याय चाहते हैं उन्हें बलात्कारियों के खिलाफ और इन्हें बचाने वाले लोगों के खिलाफ कठुआ और उन्नाव मामले में आवाज उठानी चाहिए. अभिनेता अभिषेक बच्चन ने कठुआ की पीड़िता बच्ची की तस्वीर हैशटैग करते हुए साझा की.

क्या यह राष्ट्रवाद है? 

निर्देशक हंसल मेहता ने न्यूयॉर्क टाइम्स में कठुआ मामले की उस रिपोर्ट को रिट्वीट किया जिसमें हिंदू राष्ट्रवादी, आरोपियों के बचाव में प्रदर्शन कर रहे थे. उन्होंने इस रिपोर्ट का लिंक साझा करते हुए लिखा, क्या यह राष्ट्रवाद है? सोनम कपूर ने भी इस लेख को साझा करते हुए ट्वीट किया, फर्जी राष्ट्रवादी और फर्जी हिंदू. फर्जी राष्ट्रवादियों और फर्जी हिंदुओं की वजह से शर्मिंदा हूं. मैं विश्वास नहीं कर सकती कि यह मेरे देश में हो रहा है.

अभिनेता-फिल्म निर्माता फरहान अख्तर ने लिखा, आठ साल की बच्ची के मन में क्या चल रहा होगा. उसका अपहरण करके कई दिनों तक बलात्कार किया गया और फिर उसकी हत्या. अगर आप उस बच्ची के डर को महसूस नहीं कर सकते , तो आप मनुष्य नहीं हैं. अगर आप न्याय की मांग नहीं कर सकते हैं तो आप किसी चीज से ताल्लुक नहीं रखते हैं.