नई दिल्ली। कठुआ और उन्नाव गैंगरेप मामले में आधी रात को दिल्ली की सियासत गर्म हो गई. इन घटनाओं के विरोध में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी गुरुवार रात 12 बजे कैंडल मार्च निकालने इंडिया गेट पहुंचे. इस दौरान उनके साथ कांग्रेस के बड़े नेता अशोक गहलोत, गुलाम नबी आजाद, आरपीएन सिंह, रणदीप सुरजेवाला सहित प्रियंका वाड्रा और रॉबर्ट वाड्रा भी थे. कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ यहां मौजूद लोगों की भीड़ भी इसमें शामिल हो गए.

इस दौरान इस कदर भीड़ उमड़ी की भारी अफरातफरी मच गई. इस दौरान राहुल बैरीकेड पर भी चढ़े, लोगों में सेल्फी लेने का जुनून रहा, मौजूद भीड़ मोबाइल के फ्लैश चमकाती रही. इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रियंका के साथ धक्कामुक्की भी की. इस पर प्रियंका ने धक्कामुक्की करने वालों को जमकर डांटा. उन्होंने कहा कि जिस वजह से यहां आए हैं उसके बारे में सोचें, जिन्हें धक्के देने हैं वो घर चले जाएं.

इस मौके पर राहुल ने मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि इस देश में एक के बाद एक घटनाएं हो रही हैं, हत्या के बलात्कार के, इसके खिलाफ हम विरोध करेंगे. हम चाहते हैं कि सरकार इस पर बात करे. आज महिलाओं को बाहर निकलने से डर लग रहा है. बच्चियों के साथ रेप हो रहा है.

हिंदुस्तान की महिला शांति से सड़क पर उतर पाए, शांति से जिंदगी जी पाए ऐसा माहौल होना चाहिए. इसे राजनीतिक मार्च ना समझा जाए, देश की आवाज समझा जाए. महिला अत्याचारों पर सरकार को सख्त होने की जरूरत है, सरकार की जिम्मेदारी है कि वह महिलाओं को बचाए. यहां आम लोग खड़े हैं. मेरा कहना है कि महिलाओं के खिलाफ अत्याचार हो रहा है, सरकार को कुछ करना चाहिए.

रात करीब एक बजे राहुल गांधी, प्रियंका और दूसरे नेता यहां से चले गए और इसी के साथ भीड़ भी छंटने लगी. धीरे धीरे ट्रैफिक भी सामान्य हो गया.