तिरुवनंतपुरम. केरल सरकार के परिवहन मंत्री ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. थॉमस चांडी के ऊपर सत्ता में रहते हुए भ्रष्टाचार के कई आरोप भी लगे हैं, जिसमें जमीन हड़पने के मामले में कोर्ट ने मंगलवार को उनके ऊपर लगे आरापों की पुष्टि भी की है. जिसके बाद बुधवार को थॉमस चांडी ने केरल सरकार मंत्री मंडल से इन्होंने इस्तीफा दे दिया है.

आपको बता दें कि थॉमस चांडी जमीन हड़पने के आरोपों का सामना कर रहे थे. इन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ( एनसीपी) नेता टी.पी. पीतांबरन के जरिए मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को सौंप दिया है. साथ ही मुख्यमंत्री विजयन के पार्टी से इस्तीफा देने वाले वे तीसरे मंत्री हैं. केरल के उच्च न्यायालय ने मंगलवार को अलप्पुझा जिला कलेक्टर की रिपोर्ट को चुनौती देने वाले मंत्री चांडी के यााचिका को खारिज कर दिया था.

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केरल हाई कोर्ट द्वारा अलप्पुझा के जिला क्लेक्टर की एक रिपोर्ट को चुनौती देने वाली चांडी की याचिका खारिज होने के एक दिन बाद इस्तीफा सामने आया है. रिपोर्ट में चांडी के स्वामित्व वाली कंपनी पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाया गया है. मई 2016 में एलडीएफ सरकार के सत्ता में आने के बाद विजयन के कैबिनेट से तीसरे मंत्री ने इस्तीफा दिया है.

इससे पहले, एक महिला के साथ वाली एक ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद एनसीपी के एके सशीन्द्रन और भाई-भतीजावाद के आरोपों को लेकर ईपी जयराजन (सीपीआई) ने इस्तीफा दिया था. एनसीपी से तीन बार विधायक रहे चांडी को एके सशीन्द्रन के इस्तीफे के बाद आठ महीना पहले कैबिनेट में शामिल किया गया था. राज्य में एनसीपी के केवल दो विधायक हैं.

मुद्दे पर पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ सलाह-मशविरा के बाद एनसीपी के राज्य अध्यक्ष टीपी पीतांबरन ने मुख्यमंत्री को मंत्री का इस्तीफा सौंप दिया. कैबिनेट बैठक में भाग लेने के बाद अलप्पुझा के लिए रवाना होने वाले चांडी ने एक मलयालम टीवी चैनल को बताया कि हालांकि मुख्यमंत्री ने अभी तक इस्तीफे की मांग नहीं की है और इस तरह की कोई परिस्थिति नहीं बनी है लेकिन गठबंधन के एक सहयोगी (सीपीआई) के ‘कड़े’ रुख के कारण मुख्यमंत्री ने मुझे ‘पुनर्विचार’ करने के लिये कहा.’

चांडी ने बताया, ‘मुख्यमंत्री ने कहा कि हम आपसे इस्तीफा देने को नहीं कह रहे हैं लेकिन आप अपने नेतृत्व से विचार के बाद एक निर्णय लें.’ कैबिनेट की बैठक से पहले संवाददाताओं के साथ बातचीत में विजयन ने कहा कि निर्णय एनसीपी के राष्ट्रीय नेतृत्व पर छोड़ दिया गया. एक व्यापारी से राजनेता बने चांडी की कंपनी पर अलप्पुझा जिले में अपने लेक पैलेस रिसॉर्ट तक जाने के लिए धान के एक खेत से सड़क बनाने और एक पार्किंग क्षेत्र बना कर नियमों का उल्लंघन करने का आरोप था जिसको लेकर मंत्री पिछले कुछ दिनों से आरोपों का सामना कर रहे हैं.