नई दिल्लीः भारतीय जनता पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर चर्चा में हैं. विधायक पर एक महिला ने रेप का आरोप लगया है. आरोप लगाने वाली महिला के पिता की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पिटाई के बाद आंत फटने से मौत की वजह बताई गई है. इस बीच विधायक और पीड़िता के चाचा के बीच बातचीत का एक ऑडियो टेप सामने आया है जिसमें वह पीड़ित परिवार को धमकी दे रहे हैं. बुधवार को विधायक की पत्नी अपने पति के बचाव में सामने आ गईं. इस मामले ने उत्तर प्रदेश की राजनीत में भूचाल ला दिया है.

कांग्रेस से शुरू की थी राजनीति
51 साल के कुलदीप सिंह सेंगर ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 2002 में की थी. उन्होंने युवा कांग्रेस का हाथ थामा था लेकिन जैसे ही विधानसभा चुनाव नजदीक आए उन्होंने बीएसपी का दामन थाम लिया. इसी साल उन्होंने बीएसपी के टिकट पर उन्नाव सीट से चुनाव जीता था. धीरे-धीरे वह उनकी ख्याती बढ़ने लगी. बताया जाता है कि ये बात मायावती को रास नहीं आई. उन्हें बीएसपी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.

बीएसपी ने निकाला, सपा ने अपनाया
2007 के चुनाव से पहले उन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया. उन्होंने 2007 में बांगरमऊ से चुनाव जीता. 2012 में उन्होंने भगवंत नगर से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. उन्होंने दो हजार वोटों से बीएसपी के राम शंकर पाल को मात दे दी. 2012 के चुनाव में कुलदीप सेंगर ने चुनावी क्षेत्र बदल लिया. वह भगवंत नगर में सक्रिय हो गए.

बीजेपी में हुए शामिल
जनवरी 2017 में कुलदीप ने पार्टी बदल ली और बीजेपी में शामिल हो गए. उन्हें बंगारमऊ से उम्मीदवार बनाया गया. कुलदीप सिंह सेंगर जब समाजवादी पार्टी में थे, उनकी पत्नी संगीता जिला पंचायत चेयरपर्सन बनीं और आज तक इस पोस्ट पर हैं. सेंगर के भाई मनोज सेंगर ब्लॉक प्रमुख हैं.

ठाकुर-मुस्लिम वोटों पर पकड़
बताया जाता है कि कुलदीप सिंह सेंगर निर्दलीय विधायक राजा भैया के करीबी हैं. 2017 के विधानसभा चुनाव में सेंगर को मुस्लिमों का भी वोट मिला था. उन्नाव जिले में वह एक प्रभावशाली ठाकुर नेता के तौर पर जाने जाते हैं. ठाकुरों और मुस्लिमों के गठजोड़ और कुछ अन्य जातियों के वोट के बदौलत उन्होंने जीत हासिल की. सेंगर की सीट पर ब्राह्मण बंटे हुए हैं. एक बीजेपी नेता ने बताया कि ठाकुरों की मदद कर उन्होंने उन्हें अपने पाले में कर लिया. उन्नाव की हर विधानसभा सीट पर ब्राह्मण वोट 20 से 22 प्रतिशत हैं. यहां मुस्लिम वोटर दूसरे नंबर पर हैं. कुलदीप सिंह सेंगर को स्थानीय लोगों की मदद के लिए भी जाना जाता है.