श्रीनगर| सीमावर्ती राज्य जम्मू-कश्मीर में होने वाली अमरनाथ यात्रा स्थानीय कश्मीरियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. इससे ना सिर्फ उनकी रोजी-रोटी चलती है बल्कि यह सालों से भाईचारे की मिसाल रही है. बीते रविवार जब अमरनाथ यात्रियों को ले जा रही बस जम्मू-श्रीनगर हाईवे के पास खाई में गिरी तो सहायता के लिए प्रशासन से पहले स्थानीय कश्मीरी ही पहुंचे. सबसे पहले वे ही रहत और बचाव कार्य में जुटे.

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में रविवार को एक बस जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग से फिसलकर खाई में गिर गई जिसमें 17 अमरनाथ यात्रियों की मौत हो गयी और 27 लोग घायल हो गए. मगर मौके पर मौजूद प्रशासन के लोगों की माने तो मृतकों का अकड़ा बड़ सकता था अगर कश्मीरी युवक मौके पर पहुंचकर मदद नहीं करते. कश्मीरी युवकों ने समय पर घायलों को अपना खून भी दिया.

अधिकारीयों ने बताया कि स्थानीय लोगों ने बड़ी मदद की और सरकारी सहायता भी जल्दी पहुंची जिससे कई लोगों की जान बच गई. बता दें कि घायलों को तत्काल एयरलिफ्ट करवाया गया और उन्हें हॉस्पिटल पहुंचाया गया.

एक हिंदी वेबसाइट के अनुसार लोकल युवक घायलों की सहयता के लिए ग्लूकोज लेकर खड़े थे साथ ही उन्होंने अस्पताल पहुंचाने के लिए प्लेन तक ले जाने में भी मदद की. घायलों के लिए जब एंबुलेंस काम पड़ रही थी तब स्थानीय लोगों ने अपनी गाड़िया निकाली.