भोपाल। मंगलवार को भारत बंद के आह्वान को देखते हुए मध्य प्रदेश, राजस्थान के अनेक हिस्सों में एहतियात के तौर पर सुरक्षा के कड़े बन्दोबस्त किए गए हैं. सोशल मीडिया पर मंगलवार को भारत बंद के आह्वान के मद्देनजर सुरक्षा के बन्दोबस्त सख्त किये गये हैं. हालांकि बंद का आह्वान करने वाला कोई संगठन अब तक सामने नहीं आया है. ये बंद जाति के आधार पर आरक्षण के विरोध के नाम पर बुलाया गया है. दलित संगठनों द्वारा बुलाये गये दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान हिंसा भड़कने से प्रदेश के ग्वालियर और चंबल संभाग में आठ लोगों की मौत हो गयी थी.

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सोशल मीडिया पर कड़ी नजर

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वह सोशल मीडिया पर चल रहे संदेशों पर विशेष निगरानी रखे हुए हैं. दलित संगठनों द्वारा दो अप्रैल को बुलाये गये बंद के दौरान इन संदेशों ने हिंसा भड़काने में अहम भूमिका अदा की थी. भोपाल के पुलिस उपमहानिरीक्षक धमेन्द्र चौधरी ने कहा कि मंगलवार के बंद को देखते हुए पुलिस सोशल मीडिया के संदेशों पर विशेष ध्यान दे रही है. सोशल मीडिया पर नफरत भरे संदेशों को फैलाने वाले लोगों की खिलाफ भादवि की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जायेगी.

भोपाल के संभाग आयुक्त अजातशत्रु ने कहा कि मंगलवार को भोपाल में एहतियात के तौर पर धारा 144 लागू की गयी है. लेकिन स्कूल, सरकारी कार्यालय और बैंक सामान्य दिनों की तरह काम करते रहेंगे. बंद को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सख्त रहेगी. हालांकि यहां भी कोई संगठन बंद के समर्थन में आगे नहीं आया है.

10 अप्रैल के कथित ‘भारत बंद’ को लेकर सरकार अलर्ट, जारी की एडवाइजरी

चंबल पुलिस रेंज के उपमहानिरीक्षक सुधीर लाड ने बताया कि किसी भी अनहोनी घटना को रोकने के लिये भिण्ड में आज रात 9 बजे से कल शाम 6 बजे तक कर्फ्यू लगाया गया है. चंबल संभाग में अफवाहों पर नियंत्रण के लिये इंटरनेट सेवाएं बाधित की गयी हैं. भिण्ड के कलेक्टर इलेया राजा टी ने कहा कि हिंसा की किसी भी हरकत से निपटने के लिये वर्तमान में आरएएफ और एसएएफ की छह कंपनियां यहां तैनात हैं तथा जरूरत पड़ने पर और कंपनियों को बुलाया जा सकता है.

भिंंड में हुई थी चार की मौत 

दो अप्रैल को बंद के दौरान भड़की हिंसा में भिण्ड जिले में चार लोगों की मौत हो गयी थी. सागर जिले में धारा 144 लागू की गयी है. वहां भी दो अप्रैल को विरोध प्रदर्शन हुए थे. मुरैना के कलेक्टर भास्कर लाछाकार ने बताया कि मंगलवार बंद के मद्देनजर से शहर में दो अप्रैल से लगाये गये कफ्र्यू के बाद पिछले तीन दिन से सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक दी जा रही कर्फ्यू में ढील कल नहीं दी जायेगी और कल दिन और रात में कर्फ्यू लागू रहेगा. जिले में इंटरनेट सेवाएं बाधित रहेंगी और सेना को अलर्ट पर रखा गया है और जरूरत पड़ने पर उसे बुलाया जा सकता है. ग्वालियर में भी मंगलवार को इंटरनेट सेवाएं बंद रखी गयी हैं. दो अप्रैल को हुयी हिंसा में ग्वालियर में तीन लोग मारे गये थे.ं

राजस्थान में भी कड़े सुरक्षा बंदोबस्त

सोशल मीडिया पर चल रहे कल भारत बंद के आह्वान को देखते हुए राजस्थान में सुरक्षा के कडे बंदोबस्त किये गये हैं. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) एन आर के रेड्डी ने बताया कि बंद के आह्वान को देखते हुए जयपुर शहर में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है. उन्होंने बताया कि आज रात से अगले 24 घंटों के लिये जयपुर में इंटरनेट सेवाओं को बंद किया गया है. उन्होंने बताया कि बंद का आह्वान केवल सोशल मीडिया पर दिया गया है और बंद के समर्थन में कोई भी संगठन आगे नहीं आया है. इसलिये सभी जिलों में पुलिस पिछले चार पांच दिनों से प्रमुख संगठनों, व्यापारिक संगठनों,यातायात संगठनों, राजनैतिक संगठनों और अन्य समूहों के साथ बैठक कर कानून व्यवस्था बनाये रखने का आग्रह कर रही है.

केंद्र सरकार भी अलर्ट

वहीं, सोशल मीडिया पर बुलाए गए इस भारत बंद को लेकर केंद्र सरकार अलर्ट हो गई है. सोशल मीडिया पर कुछ ग्रुप की ओर से 10 अप्रैल को बुलाए गए भारत बंद को लेकर गृह मंत्रालय ने एडवाइजरी की है. मंत्रालय ने सभी राज्यों से इसके मद्देनजर एहतियाती कदम उठाने को कहा है. आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ 10 अप्रैल को भारत बंद के आह्वान के संदेश इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. एससी-एसटी एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ 2 अप्रैल को भारत बंद बुलाया गया था. बंद के दौरान देश भर में व्यापक हिंसा हुई थी.