नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज राष्ट्रपति भवन में क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी और बिलियर्ड्स प्लेयर पंकज आडवाणी सहित कई हस्तियों को पद्म सम्मानों से सम्मानित किया. खास बात ये रही कि धोनी ने सेना की वर्दी में राष्ट्रपति से ये सम्मान हासिल किया. जिस वक्त धोनी सम्मान ले रहे थे, उनकी पत्नी साक्षी भी यहां मौजूद थीं. कई गणमान्य लोगों की मौजूदगी में धोनी ने अवॉर्ड लिया.

मुंबई में विश्व कप2011 के फाइनल में यादगार छक्का जड़कर भारत को खिताब दिलाने के ठीक सात साल बाद महेंद्र सिंह धोनी एक बार फिर सभी के आकर्षण का केंद्र बने जब इस मानद लेफ्टिनेंट कर्नल ने सेना की पोशाक में पद्म भूषण पुरस्कार स्वीकार किया. धोनी के लिए यह खुशनुमा संयोग रहा कि उन्हें यह प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान विश्व कप जीत की सातवीं वर्षगांठ के मौके पर दिया गया. भारत ने2011 में आज ही के दिन श्रीलंका को हराकर विश्व कप जीता था.

मुंबई में विश्व कप2011 के फाइनल में यादगार छक्का जड़कर भारत को खिताब दिलाने के ठीक सात साल बाद महेंद्र सिंह धोनी एक बार फिर सभी के आकर्षण का केंद्र बने जब इस मानद लेफ्टिनेंट कर्नल ने सेना की पोशाक में पद्म भूषण पुरस्कार स्वीकार किया. धोनी के लिए यह खुशनुमा संयोग रहा कि उन्हें यह प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान विश्व कप जीत की सातवीं वर्षगांठ के मौके पर दिया गया. भारत ने2011 में आज ही के दिन श्रीलंका को हराकर विश्व कप जीता था.

धोनी के नेतृत्व में भारत के दूसरी बार 50 ओवर का विश्व कप जीतने के बाद भारतीय प्रादेशिक सेना ने एक नवंबर2011 को उन्हें लेफ्टिनेंट कर्नल के मानद पद से सम्मानित किया था. कपिल देव के बाद धोनी भारत के दूसरे क्रिकेटर हैं जिन्हें यह सम्मान दिया गया. धोनी ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से यह पुरस्कार हासिल किया.

इसके अलावा एक्टर मनोज जोशी को पद्मश्री अवॉर्ड से नवाजा गया. समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, गृहमंत्री राजनाथ सिंह कई जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत की. वरिष्ठ बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजु सहित कई गणमान्य लोग शामिल थे.

PHOTOS: श्रीनगर के दिल्ली पब्लिक स्कूल पहुंचे एमएस धोनी, छात्रों से की बातचीत

धोनी हैं  लेफ्टिनेंट कर्नल

धोनी को सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद रैंक हासिल है. धोनी कई बार ये कह चुके हैं कि भारतीय सेना में शामिल होना उनके बचपन का सपना था. 2015 में आगरा स्थित भारतीय सेना के पैरा रेजिमेंट से पैरा जंप लगाने वाले पहले स्पोर्ट्स पर्सन बने. उन्होंने पैरा ट्रूपर ट्रेनिंग स्कूल से ट्रेनिंग लेने के बाद करीब 15, 000 फ़ीट की ऊंचाई से पांच छलांगें लगाई. जिनमें एक छलांग रात में लगाई थी.