नई दिल्ली: देश भर में मकर संक्रांति का त्योहार बड़ी की धूमधाम से मनाया जा रहा है. मकर संक्रांति हिंदुओं का प्रमुख पर्व माना जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार पौष माह में जब सूर्य मकर राशि में आता है तब ये पर्व मनाया जाता है.

ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार ये पर्व जनवरी के चौदहवें या पंद्रहवें दिन आता है, इसी समय सूर्य धनु रशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करता है. मकर संक्रांति के दिन से ही सूर्य की उत्तरायण गति भी प्रारंभ होती है. भारत के कई स्थानों पर इसे उत्तरायणी के नाम से भी जाना जाता है.

देश के व‍िभिन्‍न राज्‍यों में इस पर्व को अलग-अलग नामों से जाना जाता है. इस बार 14 जनवरी को मकर संक्रांति मनाई जा रही है. मकर संक्रांति से शुभ कार्य प्रारम्भ होंगे, लेकिन 4 फरवरी तक शुक्र अस्त होने से शादियों का योग नहीं है. यह भी पढ़ें: मकर संक्रान्ति पर प्रियजनों को ऐसे दें शुभकामनाएं, भेजें उन्हें खास “messages”

पूजा का शुभ मुहूर्त

14 जनवरी को 2018, रविवार को मकर संक्रांति मनाई जा रही है. इस दिन पुण्य काल का मुहूर्त रात 2 बजे से शुरु होकर सुबह 5 बजकर 41 मिनट तक रहेगा. इस वर्ष शुभ मुहूर्त की कुल अवधि 3 घंटे 41 मिनट तक रहेगी. संक्रांति रात 2 बजे से शुरु होगी. पुण्यकाल से अधिक महापुण्य काल रात 2 बजे से लेकर रात 2 बजकर 24 मिनट तक रहेगा और इस मुहूर्त की अवधि 23 मिनट तक रहेगी. आज के दिन स्नान के बाद दान पुण्य और पितरों के तर्पण का महत्व भी माना जाता है.