नई दिल्ली। टीएमसी सुप्रीमो और प. बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने गैर-बीजेपी और गैर कांग्रेस मोर्चा बनाने की कोशिशों के तहत आज बीजेपी के असंतुष्ट नेताओं से मुलाकात की. ममता बनर्जी आज दिल्ली में अरूण शौरी, शत्रुघ्न सिन्हा और यशवंत सिन्हा से मिलीं. बीजेपी के ये तीनों नेता एनडीए सरकार गठन के समय से ही हमलावर मुद्रा में हैं और कई मौकों पर सरकार से खुलकर अपनी असहमति जाहिर कर चुके हैं. मंगलवार को ममता ने कई गैर कांग्रेसी नेताओं के साथ मुलाकात की थी. इनमें सबसे अहम नाम था एनसीपी प्रमुख शरद पवार का.

बीजेपी के असंतुष्ट नेता यशवंत सिन्हा और शत्रुघ्न सिन्हा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से आज मुलाकात की. उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार के खिलाफ सभी क्षेत्रीय ताकतों को एकजुट करने के प्रयास करने के लिए ममता की प्रशंसा की. ममता ने आज अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे अरूण शौरी से भी मुलाकात की. तृणमूल सुप्रीमो विभिन्न विपक्षी दलों और सत्तारूढ़ भाजपा के कुछ सहयोगी दलों के नेताओं से मुलाकात कर रही हैं.

ममता से मुलाकात के बाद मोदी सरकार के आलोचक शौरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुकाबले करने के लिए ममता ने सही राह पकड़ी है. उनकी योजना हर राज्य में भाजपा के हर प्रत्याशी के खिलाफ एक प्रत्याशी खड़ा करने की है. शौरी ने कहा, हर प्रत्याशी के खिलाफ एक प्रत्याशी का फार्मूला अगर अमल में लाया जाएगा तो विपक्ष 69 फीसदी मतों को अपने पक्ष में कर सकता है. हालांकि यशवंत सिन्हा ने यह साफ नहीं किया कि वह या शत्रुघ्न बीजेपी के खिलाफ खड़ी की जा रही ताकत के साथ आएंगे या नहीं. उन्होंने कहा, ममता हमारी पुरानी काबीना सहयोगी हैं. उनके व्यक्तित्व से सभी परिचित हैं. देश को बचाने के लिए उन्होंने जो जिम्मेदारी उठाई है वह प्रशंसनीय है. भविष्य में भी हम उनका समर्थन करेंगे.

ममता का 2019 प्लान

2019 चुनाव के लिए ममता ने तीसरा मोर्चा बनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं. इसी योजना के तहत वह दिल्ली की चार दिन की यात्रा पर हैं और लगातार नेताओं से मुलाकात कर रही हैं. मंगलवार को ममता ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार, शिवसेना सांसद संजय राउत और बीजेडी, टीडीपी के कई सांसदों से मुलाकात की थी. शरद पवार से ममता की मुलाकात काफी सस्पेंस के बाद उनके ऑफिस में हुई.

इसके अलावा उन्होंने शिवसेना के सांसद संजय राउत से भी मुलाकात की. डीएमके नेता कनिमोई, वाईएसआर कांग्रेस और बीजेडी के सांसदों ने भी ममता के ऑफिस में उनसे मुलाकात की. बीजेपी और एनडीए से नाता तोड़ चुकी टीडीपी के सांसदों ने भी ममता से मुलाकात की. इसके अलावा ममता बनर्जी संसद में मीसा भारती से भी मिलीं. 

थर्ड फ्रंट: ममता ने की पवार सहित कई नेताओं से ताबड़तोड़ मुलाकात

थर्ड फ्रंट: ममता ने की पवार सहित कई नेताओं से ताबड़तोड़ मुलाकात

बीजेपी पर हमला

इस मुलाकात के बाद ममता ने प्रेस कांफ्रेंस कर बीजेपी और केंद्र सरकार पर हमला बोला था. उन्होंने कहा कि अब बीजेपी के लिए सामान बांधने का वक्त आ गया है. उन्होंने ये भी कहा कि राहुल गांधी से उन्हें कोई परेशानी नहीं है और वह जल्द सोनिया गांधी से भी मिलेंगी. ममता ने ये भी कहा था कि अगर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती मिलने का समय दें तो वह लखनऊ जाने को तैयार हैं.

तीसरे मोर्चे के गठन की कवायद

तीसरे मोर्चे के गठन की कवायद इस मायने में भी महत्वपूर्ण है कि हालिया समय में कई पुराने दोस्तों ने बीजेपी का साथ छोड़ा है. इनमें उसकी सबसे पुरानी सहयोगी शिवसेना भी है. टीडीपी ने भी आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने के नाम पर एनडीए से किनारा कर लिया. कुछ छोटे दलों ने भी एनडीए का साथ छोड़ दिया है. अब ममता की कोशिश है इन सभी दलों को एक मंच पर लाकर तीसरे मोर्चे का गठन किया जाए. इसी सिलसिले में वह तमाम दलों के नेताओं से मुलाकात कर तीसरे मोर्चे को आकार देने की कोशिश में हैं.