तिरूचिरापल्ली। तमिलनाडु के तिरूचिरापल्ली की एक महिला अदालत ने अपनी 14 वर्षीय बेटी के साथ बलात्कार करने और उसे गर्भवती करने के जुर्म में 48 वर्षीय व्यक्ति को 43 साल की सजा सुनाई है. न्यायाधीश जासिंथा मार्टिन ने बुधवार को इस जिले के अरासनकुंडी गांव के रहने वाले कामराज को तीन उम्र कैद की सजा सुनाई है. इसमें पत्नी को धमकाने के जुर्म एक साल की सजा भी शामिल है. इसके तहत उसे 43 साल जेल में बिताने होंगे.

उसने जुलाई 2013 से अपनी 14 वर्षीय बेटी से कई बार बलात्कार किया था और इससे वह गर्भवती हो गई थी. उसने अपनी पत्नी को भी धमकी दी थी. लड़की ने पांच मार्च 2015 को बच्चे को जन्म दिया था लेकिन उसी साल जून में बच्चे की की मौत हो गई थी. दोषी की पत्नी उसका अपराध सहन नहीं कर पा रही थी और उन्होंने दिसंबर 2014 में शिकायत दर्ज कराई.

अभियोजन ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पोक्सो) 2012 के तहत नाबालिग लड़की से यौन उत्पीड़न करने का मामला दर्ज किया. इसके अलावा, उसके खिलाफ आपराधिक धमकी देने का भी मामला दर्ज किया गया था. व्यक्ति को लड़की से बार बार बलात्कार करने के जुर्म में तीन उम्र कैद और पत्नी को धमकी देने के जुर्म में एक साल के कठोर कारावास की सजा दी गई है.

उसपर पोक्सो अधिनियम के तहत 1,000 रुपये और धमकाने के आरोप में 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. न्यायाधीश ने आदेश दिया कि व्यक्ति लगातार 43 साल की सजा काटेगा. न्यायाधीश ने कहा कि अदालत ने जुर्म का गंभीर संज्ञान लिया है. इसलिए उसे अधिकतम सजा दी गई है. 

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अभियोजन के वकील कृष्णावेणी ने कहा कि लड़की अपराध की वजह से मनोवैज्ञानिक तौर पर प्रभावित हुई. अभियोजन के मुताबिक, कामराज ने अपनी बेटी से जुलाई 2013 से कई बार बलात्कार किया और उसे गर्भवती कर दिया.

लड़की की मां को जब पता चला की उनकी बेटी गर्भवती है तो उन्होंने शिकायत करने की कोशिश की. लेकिन कामराज ने उन्हें धमकाया और इस वजह से वह दिसंबर 2014 में ही शिकायत दर्ज करा सकी उस समय लड़की सात माह की गर्भवती थी.