प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नीच किस्म का आदमी कहने के बाद निशाने पर आए अब मणिशंकर अय्यर अब बैकफुट पर है. उन्होंने किंतु-परंतु करते हुए आखिर माफी मांग ही ली. खुद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अय्यर को माफी मांगने की सलाह दी थी. नीच आदमी पर मचे सियासी बवाल के बाद अय्यर ने सफाई देते हुए कहा कि मैंने नीच शब्द का दूसरा अर्थ समझा था. मेरा इरादा पीएम की जाति को लेकर टिप्पणी करना नहीं था.  

‘नीच’ कमेंट पर मोदी का मणिशंकर अय्यर पर पलटवार, 'गुजरात की जनता लेगी बदला'

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मामले के तूल पकड़ने के बाद मणिशंकर ने इसका ठीकरा हिंदी पर फोड़ दिया. अय्यर ने कहा कि मुझे ठीक से हिंदी नहीं आती. मैंने अंग्रेजी के लो (Low) शब्द का अनुवाद नीच में कर लिया. अगर नीच शब्द का मतलब लो बोर्न (निम्न जाति में जन्म) है तो मैं इसके लिए माफी मांगता हूं.

अय्यर ने कहा कि मैं कांग्रेस का साधारण कार्यकर्ता हूं, किसी पद पर भी नहीं हूं. मुझे तो गुजरात में कैंपेन के लिए भी नहीं बुलाया गया. तो फिर मेरे बयान को इतना तूल क्यों दिया जा रहा है.

उधर, अय्यर के बयान पर सियासी संग्राम छिड़ा हुआ है. पीएम मोदी सहित बीजेपी ने अय्यर और कांग्रेस पर पुरजोर हमला बोल दिया है. चुनाव से ठीक दो दिन पहले अय्यर का ये बयान बीजेपी को हमले का नया हथियार थमा गया. ना सिर्फ मोदी ने बल्कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने अय्यर के बयान को रिट्वीट किया. अरुण जेटली ने भी इसे कांग्रेस की कुलीन मानसिकता बताया और कहा कि कांग्रेस के लिए समाज के निचले तबके से आने वाले नीच हैं. http://www.india.com/hindi-news/india-hindi/mani-shankar-aiyar-attacks-pm-modi-again/

वहीं, मौके की नजाकत को समझते हुए राहुल गांधी ने भी तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए अय्यर को माफी मांगने की नसीहत दे डाली. हालांकि उन्होंने इसके साथ ही पीएम मोदी और बीजेपी को भी लपेटा. राहुल ने ट्वीट कर कहा कि बीजेपी और पीएम मोदी अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते रहे हैं, लेकिन कांग्रेस की ऐसी संस्कृति नहीं है. उम्मीद है अय्यर ऐसी भाषा के लिए माफी मांगेंगे.