नई दिल्ली: हैदराबाद की मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में स्वामी असीमानंद समेत 5 आरोपियों को एनआईए कोर्ट द्वारा बरी किए जाने पर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई है. एनआईए कोर्ट के फैसले पर विभिन्न राजनीतिक दल अपनी अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. केंद्र में सरकार चला रही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने जहां कोर्ट के फैसले पर सीधे टिप्पणी करने से इनकार कर दिया वहीं इशारों इशारों में कांग्रेस पर ‘भगवा आतंकवाद’ शब्द के सहारे हिंदुओं को बदनाम करने का आरोप लगाया. कांग्रेस ने भी कोर्ट के फैसले पर सीधे कोई टिप्पणी करने से तो इनकार कर दिया लेकिन उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करेगी ताकि इंसाफ हो सके.

मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में एनआईए कोर्ट का फैसला, असीमानंद समेत सभी आरोपी बरी

मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में एनआईए कोर्ट का फैसला, असीमानंद समेत सभी आरोपी बरी

बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ”बीजेपी कोर्ट के फैसले और भारतीय न्यायपालिका पर कोई टिप्पणी नहीं करती, भारतीय न्यायपालिका एक स्वतंत्र संस्था है. टूजी मामले पर जब कोर्ट ने फैसला दिया था तो कांग्रेस उसे सही बता रही थी लेकिन आज कोर्ट के इस फैसले को गलत बता रही है.”

बीजेपी ने कांग्रेस पर ‘हिंदू आतंकवाद’ शब्द को गढ़ कर हिंदुओं को बदनाम करने का आरोप लगाया. संबित ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर भी निशाना साधा. संबित ने कहा, ”कांग्रेस ने ‘हिंदू आतंकवाद’ शब्द को जानबूझकर गढ़ा है, अब मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में फैसले के बाद कांग्रेस का झूठ सामने आ गया है. क्या अब राहुल गांधी मोमबत्ती लेकर आधी रात को मार्च निकालेंगे और हिंदू धर्म को बदनाम करने के लिए माफी मांगेंगे?”

कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में कोर्ट के फैसले पर सीधे टिप्पणी करने से इनकार कर दिया लेकिन साथ ही ये भी कहा कि, ”ये अब केंद्र सरकार पर निर्भर करता है कि वो इस फैसले पर विचार करे और फिर इस फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर करे या नहीं. ये एक न्यायिक मामला है इसलिए मैं इसपर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा.”

वहीं मक्का मस्जिद में ब्लास्ट के समय केंद्रीय गृह मंत्री रहे शिवराज पाटिल ने कोर्ट के फैसले पर कहा है कि, ”मैं नहीं जानता कि चार्जशीट में क्या जानकारी थी, मैंने केवल इतना सुना है कि इस मामले के गवाहों ने अपने बयान बदल दिए थे. न ही हम ये जानते हैं कि जांच में किस तरह के सवाल किए गए.”

बीजेपी नेता सुब्रमण्यिन स्वामी ने एनआईए कोर्ट के फैसले के बाद पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम पर निशाना साधा और चिदंबरम पर भगवा आतंकवाद शब्द गढ़ने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि हिंदुओं को बदनाम करने के लिए चिदंबरम पर केस दर्ज किया जाना चाहिए. स्वामी ने कहा कि हिंदू आतंकवाद शब्द के जरिए हिंदुओं पर सवाल उठाए गए, यह एक बड़ी साजिश थी. हिंदू टेरर शब्द का प्रयोग करके आरएसएस को निशाना बनाया जा रहा था ताकि वो उसे बैन कर सकें. आपको बता दें कि पी चिदंबरम ने अगस्त 2010 में कहा था कि देश के कई बम धमाकों के पीछे भगवा आतंकवाद का हाथ है.

कोर्ट के फैसले पर निराशा जताते हुए AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने एनआईए पर सही ढंग से जांच नहीं करने का आरोप लगाया है. ओवैसी ने कहा कि एनआईए बहरा और अंधा तोता है जोकि केस में राजनीतिक दखल दे रहा है. ओवैसी ने कहा कि एनआईए ने मामले की सही पैरवी नहीं की और जून 2014 के बाद से मामले के ज्यादातर गवाह बदल गए. आपराधिक मामलों में जब राजनीति हावी हो जाएगी तो न्याय नहीं मिलेगा. मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में एनआईए कोर्ट के फैसले के बाद आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई कमजोर हुई है.