नई दिल्‍ली: जम्‍मू कश्‍मीर के कठुआ और उत्‍तर प्रदेश के उन्‍नाव में बच्चियों के साथ दुष्‍कर्म की घटनाओं पर हो रहे शोरशराबे के बीच भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा है कि इन मामलों ने संबंधित राज्‍य सरकारों ने जरूरी कदम उठाए हैं. लेखी ने कहा कि विपक्ष जबरदस्‍ती हर घटना के लिए केंद्र सरकार को जिम्‍मेदार ठहराने की कोशिश करता है.

कठुआ मामले की चर्चा करते हुए उन्‍होंने बताया कि इसकी पूरी जांच की गई. स्‍पेशल इनवेस्टिगेशन टीम गठित की गई और 6-7 लोग गिरफ्तार भी हुए. इस मामले में लेखी ने हालांकि कांग्रेस को लपेटने की भी कोशिश की. उन्‍होंने कहा कि जम्‍मू बार एसोसिएशन के अध्‍यक्ष बी एस स्‍लाथिया गुलाम नबी आजाद के पोलिंग एजेंट थे.

उन्‍नाव के बारे में उन्‍होंने बताया कि यह घटना दस महीने पहले की है. पुलिस ने पहली बार जब मजिस्‍ट्रेट के सामने पीडि़ता का बयान लिया तो उसमें विधायक का नाम नहीं था. युवती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओर यूपी के सीएम योगी आदित्‍यनाथ को चिट्ठी लिखकर विधायक पर आरोप लगाया तो कार्रवाई हुई.

लेखी ने दुष्‍कर्म के आरोपियों के समर्थन देने वाले बीजेपी के मंत्रियों का बचाव करते हुए विपक्षी पार्टियों पर भी निशाना साधा. उन्‍होंने कहा कि मंत्रियों को कुछ लोगों द्वारा गलत जानकारी दी गई. वहीं विपक्षी पार्टियों के बारे में उन्‍होंने कहा कि वे कभी अल्‍पसंख्‍यक, कभी दलित और कभी महिलाओं के नाम पर शोर-शराबा करते हैं और फिर सारी जिम्‍मेदारी केंद्र सरकार के ऊपर थोपने की कोशिश करते हैं. वे यह भी नहीं देखते कि राज्‍य सरकारें जरूरी कार्रवाई कर रही हैं.

बता दें कि कठुआ में आठ साल की बच्‍ची अपने घर के बगल के जंगल से 10 जनवरी को लापता हो गई थी. बलात्‍कार और हत्‍या के बाद आठ दनि बाद उसका शव मलिा था. वहीं, उन्‍नाव में एक युवती ने बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनके सहयोगियों पर दुष्‍कर्म का आरोप लगाया है. दोनों मामलों में प्रशासनिक लीपापोती की कोशिश पर पूरे देश में रोष का माहौल है.