नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है. लोकसभा के वर्तमान सदस्य विनोद खन्ना, राज्यसभा के वर्तमान सदस्य अनिल माधव दवे और चार पूर्व दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि देने के बाद लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई. वहीं, वर्तमान सदस्य अनिल माधव दवे और पी गोवर्धन रेड्डी के निधन पर उनके सम्मान में राज्यसभा आज पूरे दिन के लिए स्थगितकी गई.

सरकार को घेरने की तैयारी

इस सत्र में सरकार को घेरने के लिए विपक्ष ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. कांग्रेस ने संसद का मानसून सत्र शुरू होने से एक दिन पहले कहा कि वह सरकार से चीन के साथ जारी सीमा विवाद, कश्मीर में बिगड़ती स्थिति और गाय रक्षा के नाम पर भीड़ द्वारा हिंसा के मुद्दों पर जवाब मांगेगी. इस मानसून सत्र में सरकार लोकसभा और राज्यसभा में कम से कम 16 नए विधेयक पेश किए जाएंगे, जिनमें जम्मू एवं कश्मीर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक और नागरिकता संशोधन विधेयक शामिल हैं.

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सरकार को इन मुद्दों पर घेरेगा विपक्ष
राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सिक्किम में चीन के साथ सीमा को लेकर स्थिति बेहद तनावपूर्ण है. यह स्थिति चीन द्वारा पैदा की गई है. यह देश की सुरक्षा का मामला है और हम इसे संसद में उठाएंगे. इसके अलावा कश्मीर और किसानों की आत्महत्या जैसे मुद्दों को संसद में उठाए जाने की बात कही.

सपा नेता नरेश अग्रवाल ने कहा कि उनकी पार्टी दोनों सदनों में किसानों के मुद्दे और कर्ज माफी के साथ ही देश की विदेश नीति को लेकर भी सरकार को घेरेगी. वहीं देश में गौरक्षा के नाम पर लोगों को पीट-पीट कर हत्या करने के मामले में सरकार से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा.

मानसून सत्र में पेश होंगे 16 नए विधेयक

संसद के आगामी मानसून सत्र में लोकसभा और राज्यसभा में कम से कम 16 नए विधेयक पेश किए जाएंगे, जिनमें जम्मू एवं कश्मीर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक और नागरिकता संशोधन विधेयक शामिल हैं. नागरिकता संशोधन विधेयक के जरिए सरकार अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने वाले विदेशी नागरिकों के एक खास वर्ग को भारतीय नागरिकता देना चाहती है. मानसून सत्र में पेश होने के लिए सूचीबद्ध प्रमुख विधेयकों का विवरण इस प्रकार है.

1. जीएसटी से जुड़े विधेयक : जम्मू एवं कश्मीर में जीएसटी लागू करने से संबंधित दो विधेयक। इसके अलावा पंजाब नगर निगम कानून (चंडीगढ़ तक विस्तारित) संसोधन विधेयक-2017 भी पेश किया जाएगा, जिसमें चंडीगढ़ नगर निगम को मनोरंजन और क्रीड़ा पर जीएसटी के तहत कर लगाने का अधिकार दिए जाने का प्रावधान है.

2. बैंकिंग नियमन (संशोधन) विधेयक : इस विधेयक का उद्देश्य भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को बैंकों के बुरे ऋण के निपटान का निर्देश देने का अधिकार प्रदान करना है.

3. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (संशोधन) विधेयक : इस विधेयक के जरिए एनआईए के अधिकार क्षेत्र में वृद्धि, एनआईए की विशेष अदालतों में न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया को सरल बनाना और अनुसूचित अपराधों की जांच में खास तकनीकी के इस्तेमाल की इजाजत देना है.

4. गैर-कानूनी गतिविधियां (निरोधक) : अधिनियम (संशोधन) विधेयक -: संशोधन कर ‘अदालत’ की परिभाषा में सुधार ताकि महनिदेशक (डीजी) और एनआईए को जांच के अधीन आतंकवादी मामलों में संबंधित संपत्ति को जब्त करने का अधिकार दिया जा सके.

5. नागरिकता (संशोधन) विधेयक : इस विधेयक के जरिए सरकार अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से अवैध तरीके से भारत आने वाले हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैनियों, पारसियों और ईसाइयों को भारतीय नागरिकता प्रदान करना है.

6. भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) विधेयक : इस विधेयक के जरिए रिश्वत देने को भी अपराध घोषित किया जाएगा.

7. भारतीय प्रबंधन संस्थान विधेयक : इस विधेयक का उद्देश्य देश के मौजूदा 20 आईआईएम को स्वतंत्र वैधानिक दर्जा प्रदान करना है तथा उन्हें राष्ट्रीय महत्व के संस्थान घोषित करना है। इस विधेयक के पारित होने के साथ सभी आईआईएम अपने विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान कर सकेंगे.

8. व्हिसल ब्लोअर संरक्षण (संशोधन) विधेयक : यह विधेयक राज्य सभा में पारित होने के लिए अटका हुआ है। इसके अलावा निर्धारित 10 श्रेणियों के तहत आने वाली भ्रष्टाचार से संबंधित जानकारियों के खुलासे पर प्रतिबंध लगाया जाएगा.

”समाचार एजेंसी से इनपुट लेकर ”