नई दिल्ली: इराक में मारे गए 39 भारतीयों के अवशेषों को वापस लाने के लिए विदेश राज्य मंत्री वी के सिंह के रविवार को सी-17 विमान से वहां जाने की संभावना है. सूत्रों ने बताया कि संभावना है कि मंत्री सोमवार या मंगलवार को शवों को लेकर वापस आएंगे. एक सूत्र ने बताया, पूरी संभावना है कि राज्य मंत्री सिंह 39 भारतीयों के अवशेषों को लाने के लिए रविवार को इराक जाएंगे. वापस आने पर वह शवों को उनके रिश्तेदारों को सौंपने के लिए सबसे पहले अमृतसर फिर पटना और कोलकाता जाएंगे.

बता दें कि इसी महीने विदेश मंत्री ने संसद को बताया था कि आतंकी समूह आईएसआईएस ने जून2 014 में इराक के मोसूल से 40 भारतीयों का अपहरण कर लिया था, लेकिन उनमें से एक खुद को बांग्लादेश का मुस्लिम बताकर भाग निकला था. उन्होंने कहा था कि बाकी 39 भारतीयों को बदूश ले जाया गया और उनकी हत्या कर दी गई. मारे गए कुछ लोगों के परिवारों ने 26 मार्च को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की थी.

विदेश मंत्री सुषमा ने दिया था आश्वासन
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 26 मार्च को कहा था कि इराक में मारे गए 39 भारतीयों के शव एक हफ्ते में भारत लाए जाएंगे. विदेश मंत्री ने मृतकों के परिवारों को यह भरोसा दिलाया था. विदेश मंत्री ने मृतकों के परिवारों के साथ मुलाकात के दौरान ये बात कही थी. इन परिवारों ने सरकार और विशेष रूप से सुषमा और विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह द्वारा की गई कोशिशों की सराहना की है.

परिजन को सरकारी नौकरी समेत हर संभव सहायता 
मंत्री ने परिजन से कहा था कि शवों को एक हफ्ते में भारत लाया जाएगा और समूची प्रक्रिया की निगरानी के लिए सिंह इराक जाएंगे. सूत्रों ने बताया कि शवों को लाने के लिए सिंह के एक मालवाहक विमान से जल्द रवाना होने की उम्मीद है. गोबिन्दर सिंह के छोटे भाई दविंदर सिंह ने फोन पर बताया था कि उन्हें एक निकट परिजन को सरकारी नौकरी सहित हर तरह की सहायता का भरोसा दिलाया गया है. 39 भारतीयों के शव यथाशीघ्र भारत लाए जाने की मांग पर मंत्री ने हमें हर संभव कदम उठाने का भरोसा दिलाया.’

राज्यसभा में विदेश मंत्री ने दी थी जानकारी
बता दें कि सुषमा ने राज्यसभा में कहा था कि करीब 40 भारतीयों को इराक के मोसुल से आईएसआईएस आतंकी संगठन ने अगवा कर लिया था, लेकिन उनमें से एक खुद को बांग्लादेशी मुसलमान बता कर बच निकलने में कामयाब रहा. उन्होंने कहा था कि शेष 39 भारतीयों को बादूश ले जाया गया और उनकी हत्या कर दी गई. (इनपुुुट- एजेंंसी)