जम्मू कश्मीर के नगरोटा में सैन्य ठिकाने पर हुए आतंकी हमले को अंजाम देने वाले तीनों आतंकवादियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद हुए हैं। उनके पास से कुछ खास किस्म के खतरनाक केमिकल्स भी मिले हैं। ऐसे केमिकल्स उड़ी हमले में शामिल आतंकियों के पास से भी मिले थे। ऐसे में सवाल उठने शुरू हो गए हैं कि क्या ये आतंकी केमिकल हमले की फिराक में थे? आतंकियों के पास मिले दस्तावेज से उनके जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने का शक है।

आतंकियों के पास उर्दू में लिखे जो पर्चे मिले हैं, उनपर संसद पर हमले के मास्टरमाइंड आतंकी अफजल गुरु का जिक्र है। सुरक्षा एजेंसियां इसे आतंकियों की अलगाववादियों से जुड़ने की एक साजिश बता रहे हैं। पर्चे पर उर्दू में लिखा है- ‘अफजल गुरु शहीद के इंतकाम की एक किस्त… गजवा-ए-हिंद के फिदायीन।’
यह भी पढ़ें: मां-बाप के घर पर बेटे का कानूनी अधिकार नहीं : दिल्ली हाईकोर्ट

नगरोटा हमले में शामिल आतंकियों को सीमा पार से निर्देश मिल रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों ने 5 कॉल्स ट्रेस की हैं। इनमें पाकिस्तान में मौजूद हैंडलर्स आतंकियों से हमले के लिए तैयार रहने को कह रहे हैं। आतंकवादियों के पास मिले ज्यादातर सामान भारत में बने हुए बताए जा रहे हैं। आतंकियों द्वारा पहनी गई पुलिस की वर्दी पर लोकल टैग था। कपड़े स्थानीय इलाके में सिले गए थे। इससे इशारा मिलता है कि ये आतंकवादी बहुत पहले घुसपैठ के जरिए जम्मू-कश्मीर में आए थे और तब से यहीं रह रहे थे।

आर्मी कैंप में कहीं और आतंकी न छिपे हों, इसलिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। बता दें कि नगरोटा आतंकी हमले में सेना के 7 जवान शहीद हुए थे। जम्मू में मंगलवार को दो आतंकी हमले हुए थे। इसमें मेजर रैंक के दो अधिकारियों सहित सात सैन्यकर्मी शहीद हो गए थे। वहीं, बीएसएफ के एक डीआईजी सहित 8 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे। अलग-अलग मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने भारी हथियारों से लैस 6 आतंकवादियों को ढेर किया था।