नई दिल्ली। कैबिनेट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विस्तार करने की संभावना है. दरअसल, वरिष्ठ मंत्री एम. वेंकैया नायडू का उपराष्ट्रपति चुना जाना लगभग तय है जिससे दो महत्वपूर्ण मंत्रालय बगैर कैबिनेट मंत्री के रह जाएंगे. पहले से ही दो अहम मंत्रालयों रक्षा और पर्यावरण में कोई पूर्णकालिक मंत्री नहीं हैं.

वित्त मंत्री अरूण जेटली और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री हर्ष वर्धन क्रमश: इन दोनों मंत्रालयों का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे है. नायडू के नाम की घोषणा आज एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर की गई. फिलहाल, उनके पास सूचना एवं प्रसारण तथा शहरी विकास मंत्राालय का प्रभार है.

बीजेपी सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिपरिषद में संसद के मॉनसून सत्र के बाद एक फेरबदल की उम्मीद है और कुछ नए चेहरे भी कैबिनेट में शामिल किए जा सकते हैं.

मनोहर पर्रिकर के मार्च में गोवा का मुख्यमंत्री बन जाने के बाद रक्षा मंत्रालय किसी पूर्णकालिक कैबिनेट मंत्री के बगैर रह गया था जबकि अनिल दवे की मई में निधन हो जाने से पर्यावरण मंत्रालय में मंत्री पद रिक्त हो गया था.

प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार नवंबर 2014 में अपनी कैबिनेट का विस्तार किया था जब उन्होंने 21 नए चेहरे शामिल किए थे, जिनमें रक्षा मंत्री के तौर पर पर्रिकर भी शामिल थे.

पिछले साल जुलाई में मोदी ने एक और फेरबदल किया, जिसके तहत उन्होंने स्मृति ईरानी की जगह प्रकाश जावड़ेकर को मानव संसाधन विकास मंत्री बनाया था. स्मृति को वस्त्र मंत्रालय में भेजा गया था.