नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 67वें जन्मदिन पर रविवार को सरदार सरोवर नर्मदा बांध परियोजना का लोकार्पण करेंगे. मोदी आज सुबह गांधीनगर में अपने जन्मदिवस के अवसर पर अपनी मां हीरा बा का आशीर्वाद लेने उनके पास गए. सरदार सरोवर नर्मदा बांध परियोजना के लोकार्पण के साथ ही मोदी एक रैली को भी संबोधित करेंगे. गुजरात विधानसभा चुनावों से पहले मोदी की इस रैली को राजनीतिक लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मोदी आज अपने जन्मदिवस के अवसर पर नर्मदा जिले के केवड़िया स्थित सरदार सरोवर नर्मदा बांध परियोजना जाएंगे. बांध पर ही वह नर्मदा नदी की पूजा-अर्चना करेंगे. इसके बाद वह इस परियोजना का लोकार्पण करेंगे.

मोदी आज उस नर्मदा बांध परियोजना का लोकार्पण करेंगे जिसकी परिकल्पना सरदार वल्लभभाई पटेल ने 1946 में ही की थी. हालांकि इस पर काम 1970 के दशक से ही प्रारंभ हो पाया. इस बांध परियोजना और इस पर बनी विद्युत परियोजना से चार राज्यों गुजरात, महाराष्ट, राजस्थान और मध्य प्रदेश को लाभ मिलेगा.

प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम के माध्यम से नर्मदा यात्रा का भी समापन होगा. इस यात्रा में 85 रथ 24 जिलों, 14 शहरों, 71 कस्बों और 10 हजार गांवों से गुजरे. प्रत्येक रथ पर नर्मदा की प्रतिमा को रखा गया था. प्रधानमंत्री की नर्मदा पूजा के साथ इस यात्रा का समापन होगा. प्रधानमंत्री बांध के समीप ही बन रही सरदार वल्लभ भाई पटेल की विशालकाय प्रतिमा ‘स्टेचू आफ यूनिटी’ के निर्माण में हुई प्रगति का जायजा भी लेंगे. यह विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा बनने जा रही है.

बांध और सरदार पटेल की प्रतिमा का निर्माण कार्य में संलग्न सरदार सरोवर नर्मदा निगम लि. के अधीक्षण अभियंता आर जी कानूनगो ने बताया कि 182 मीटर ऊंची यह प्रतिमा विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी. अभी ‘स्टेचू आफ लिबर्टी’ को दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा माना जाता है.

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री रविवार को इस प्रतिमा के निर्माण में हुई प्रगति का जायजा लेंगे. उन्होंने बताया कि सरदार सरोवर बांध के पास इस प्रतिमा को बनवााने का कारण यह है कि गुजरात में जल संकट को देखते हुए सरदार पटेल ने ही 1946 में पहली बार नर्मदा पर बांध बनवाने का सुझाव दिया था.

उन्होंने बताया कि इस प्रतिमा का निर्माण सरदार वल्लभभाई राष्टीय एकता ट्रस्ट करवा रहा है. इसके निर्माण कार्य का ठेका एल एंड टी कंपनी को दिया गया है. कानूनगो ने बताया कि इस विशाल प्रतिमा के निर्माण के लिए एक जून 2018 का समय तय किया गया था किन्तु इसके अब अक्तूबर 2018 में पूरा होने के आसार हैं.

उन्होंने बताया कि प्रतिमा की छाती की ऊंचाई तक एक प्लेटफार्म बनाया जाएगा जिस पर चढ़कर एक साथ 200 लोग प्रतिमा को समीप से देख पायेंगे. इस प्लेटफार्म तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां, लिफ्ट और रास्ते का निर्माण भी हो रहा है. उन्होंने बताया कि इस इस प्रतिमा के निर्माण पर 2989 करोड़ रुपये की लागत आयेगी.

मोदी इसके बाद वडोदरा के डभोई में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करेंगे. गुजरात राज्य विधानसभा चुनाव इसी वर्ष होने वाले हैं. इस लिहाज से प्रधानमंत्री की इस रैली को राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. रैली में गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और बीजेपी के वरिष्ठ नेता आदि भी उपस्थित रहेंगे.

भाषा इनपुट