नई दिल्लीः राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पूर्व पाकिस्तानी डिप्लोमेट को अपनी वॉन्टेड लिस्ट में शामिल किया है. जानकारी हासिल करने के लिए एजेंसी ने फोटो जारी किया है. जांच के दौरान एनआईए ने पाया कि श्रीलंका में 2009 से 2016 तक तैनाती के दौरान डिप्लोमेट आमिर जुबैर सिद्दीकी उन लोगों के संपर्क में रहा जो भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों में शामिल रहे. आमिर जुबैर सिद्दीकी कोलंबो स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में वीजा काउंसलर के तौर पर तैनात था.

इन लोगों पर अमेरिका और इजरायल के दूतावासों पर 26/11 जैसे आतंकी हमले की साजिश रचने का आरोप है. इसके अलावा दक्षिण भारत में सेना और नेवी की कमांड्स पर भी 2014 में हमले की साजिश रचने का आरोप है. NIA के मुताबिक, श्रीलंका में तैनात एक और पाकिस्तानी अधिकारी इस साजिश में शामिल था. NIA अब इंटरपोल से इन आरोपियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की मांग करेगी.

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक एनआईए ने फरवरी में सिद्दीकी के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर ली थी, लेकिन अन्य तीन लोगों की पहचान नहीं हो पाई है. सिद्दीकी के अलावा जिन दो अन्य लोगों को वॉन्टेड लिस्ट में रखा गया है, वे पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑफिसर हैं. इन्होंने अपने उपनाम ‘विनीत’ और ‘बॉस उर्फ शाह’ रख रखे हैं. एक अधिकारी ने बताया कि यह पहला मौका है, जब भारत ने किसी पाकिस्तानी डिप्लोमैट का नाम वॉन्टेड लिस्ट में रखा है और उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस की मांग की है.

आरोपों के मुताबिक सिद्दीकी ने श्री लंका के मुहम्मद साकिर हुसैन, अरुण सेल्वाराज, सिवबालन और तमीम अंसारी समेत कई अन्य लोगों को इसके लिए हायर किया गया था. इन सभी को एजेंसियों ने गिरफ्तार कर लिया था. एनआईए का दावा है कि सिद्दीकी और अन्य पाक अधिकारियों ने इन लोगों को भर्ती करने के बाद उन्हें डिफेंस से जुड़े प्रतिष्ठानों की जानकारी हासिल करने का काम सौंपा. इसके अलावा न्यूक्लियर प्रतिष्ठानों और सेना की मूवमेंट की तस्वीरें खींच कर भेजने को कहा. कहा जा रहा है कि लिस्ट में शामिल आमिर जुबैर सिद्दीकी को पाकिस्तान ने स्वदेश वापस बुला लिया है.