नई दिल्ली| अमेरिकी समाचार पत्र न्यूयॉर्क टाइम्स में हाल ही में साड़ी को हिन्दू राष्ट्रवाद से जोड़ने वाले लेख को लेकर  अखबार की किरकिरी हो रही है. सोशल मीडिया पर लोग इस आर्टिकल को लेकर अमेरिका के सबसे प्रतिष्ठित अखबार पर निशाना साध रहे हैं. इस लेख का शीर्षक है, ‘ भारत में, फैशन भी राष्ट्रवादी बन गया है.’

on Indian Independence Day Marykay Loss wants to wear saree seeking help | अमेरिकी राजदूत 15 अगस्त पर पहनना चाहती हैं साड़ी, लोगों से मांगी है मदद, जानना चाहेंगे क्या?

on Indian Independence Day Marykay Loss wants to wear saree seeking help | अमेरिकी राजदूत 15 अगस्त पर पहनना चाहती हैं साड़ी, लोगों से मांगी है मदद, जानना चाहेंगे क्या?

ये लेख असगर कादरी ने लिखा है. कादरी ने अपने लेख में दावा किया है कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही साड़ी को हिंदू राष्ट्रवाद के प्रतीक चिह्न के तौर पर प्रोत्साहित किया जा रहा है इसके आलावा कादरी ने यह दावा भी किया है कि भारतीय फैशन इंडस्ट्री पर भी पश्चिमी परिधानों पर तवज्जो नहीं देने का दबाव है. लेख में यह भी लिखा गया है कि पारंपरिक भारतीय परिधानों को बढ़ावा देने की कोशिश में बनारसी साड़ियों का कारोबार बढ़ा है. बनारस पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र है. अखबार के नुसार चुनाव प्रचार के दौरान मोदी ने बनारसी साड़ी कारोबार को बढ़ावा देने का वादा किया था.

ट्विटर पर कई प्रमुख हस्तियों ने इस लेख को बकवास करार देते हुए हैरानी प्रकट कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर लोग इस आर्टिकल को बकवास करार दे रहे हैं. पाकिस्तानी पत्रकार  मेहर तरार ने कहा है कि बेहतरीन परिधान है साड़ी

बता दें कि भारत में बड़े पैमाने पर महिलाएं साड़ी पहनती हैं. बांग्लादेश और पाकिस्तान में भी इसे बड़े चाव से पहना जाता है. कई विदेशी महिलाएं जब भारत आती है तो वो भी इसे पहनती हैं. अमेरिकी राजदूत भी भारत में साड़ी पहनी हुई नजर आ चुकी हैं.