नई दिल्ली. हैदराबाद के मक्का मस्जिद में 2007 में हुए बम ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत आज फैसला सुना सकती है. इसके लिए इस मामले के आरोपी स्वामी असीमानंद को नामपल्ली कोर्ट लाया गया है. इस बम धमाके में 9 लोगों की मौत हो गई थी. एनआईए की विशेष अदालत ने पिछले हफ्ते इस मामले की सुनवाई पूरी कर ली थी. इसके बाद अदालत ने फैसले की सुनवाई सोमवार तक के लिए टाल दी थी. बता दें कि स्वामी इस बम धमाके के मुख्य आरोपी स्वामी असीमानंद को वर्ष 2010 में हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया था. उसका असली नाम नाबा कुमार सरकार है.

बम धमाकों के कई मामलों में नाम शामिल
हैदराबाद के मक्का मस्जिद बम धमाकों के अलावा स्वामी असीमानंद का नाम अजमेर बम ब्लास्ट मामले में भी आया था. इसके अलावा मालेगांव बम ब्लास्ट और समझौता एक्सप्रेस मामले में भी उसे आरोपी बनाया गया था. अजमेर बम धमाका मामले में इसी साल स्वामी असीमानंद को बरी किया गया. वहीं इससे पहले मालेगांव और समझौता एक्सप्रेस केस में भी उसे जमानत मिल चुकी है. 18 मई 2007 को मक्का मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान बम धमाका हुआ था. इसमें 9 लोगों की जान चली गई थी, वहीं करीब 60 लोग जख्मी हो गए थे.

सीबीआई की पड़ताल के बाद एनआईए ने शुरू की जांच
मक्का मस्जिद बम ब्लास्ट मामले की शुरुआती जांच स्थानीय पुलिस ने की थी. इसके बाद सीबीआई ने यह केस अपने हाथ में ले लिया था. सीबीआई ने जांच-पड़ताल के बाद आरोप पत्र दाखिल किया, जिसके बाद वर्ष 2011 में यह केस एनआईए के पास ट्रांसफर कर दिया गया था. राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मामले में स्वामी असीमानंद के खिलाफ जांच की. एनआईए मामलों की विशेष अदालत ने मक्का मस्जिद बम धमाका मामले में 222 गवाहों से पूछताछ की है. अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए बीते दिनों फैसले की सुनवाई सोमवार तक के लिए टाल दी थी.