बिहार के समस्तीपुर में हिंसा के दौरान क्षतिग्रस्त हुई मस्जिद और मदरसे के मरम्मत लिए सीएम नीतीश कुमार आगे आए हैं. उन्होंने गुदरी मस्जिद और जियाउल-उलूम मदरसा के लिए 2 लाख रुपये का फंड जारी किया है. इसके साथ ही उन्होंने नवादा और औरंगाबाद में हिंसा से प्रभावित लोगों के लिए भी फंड मुहैया कराया है.

समस्तीपुर के रोसड़ा कस्बे में पिछले महीने मूर्ति विसर्जन के दौरान दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई थी. इस हिंसा में कुछ मस्जिद और मदरसे को निशाना बनाया गया था और वहां तोड़फोड़ का मामला सामने आया था. वहीं, दूसरी तरफ नवादा में बाईपास के पास एक धार्मिक स्थल पर उपद्रवियों ने निशाना साधा था. इसके बाद वहां जमकर हिंसा हुई थी. इस दौरान दुकानों में आगजनी और वाहनों पर पथराव हुए थे.

जुलूस के दौरान भी हुई थी हिंसा
रामनवमी जुलूस के दौरान भी बिहार के कई जिलों में हिंसक झड़प हुई थी. औरंगाबाद और कैमूर जिले में भी शोभायात्रा के दौरान दो पक्षों के बीच तनाव उत्पन्न हो गया था. इस दौरान उपद्रवियों ने जमकर आगजनी और तोड़फोड़ की थी. उपद्रवियों ने पुलिस वाहन पर भी पथराव किया था.

केंद्रीय मंत्री का बेटा हुआ गिरफ्तार
भागलपुर के नाथनगर इलाके में भी रामनवमी जुलूस के दौरान हिंसा भड़क उठी थी. इसमें केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्वीनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत को गिरफ्तार किया गया है. उनके खिलाफ 25 मार्च को वारंट जारी किया गया था, जिसके बाद उसे पटना से गिरफ्तार किया गया.

निशाने पर नीतीश
बिहार में हिंसा पर विपक्ष के नेता लगातार नीतीश सरकार पर निशाना साध रहे थे. उनका कहना था कि ये हिंसा साल 2019 चुनाव को देखते हुए फैलाई जा रही है. राजद ने इसके लिए सीधे तौर पर नीतीश सरकार और बेजेपी को जिम्मेदार ठहराया है.