मुंबई: उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक ने शुक्रवार को कहा कि बी आर आंबेडकर के नाम में बदलाव का सुझाव देकर उन्‍होंने कोई राजनीति नहीं की है. नाइक ने आंबेडकर के पोते प्रकाश यशवंत आंबेडकर की आलोचना को भी खारिज किया कि नाम में ‘रामजी’ को जोड़ना अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए समर्थन जुटाना है.

लखनऊ से नाइक ने फोन पर कहा, ‘‘राजनीति में कुछ लोग हर चीज को राजनीतिक नजरिये से देखते हैं, इसलिए वे इस तरह के आरोप लगाते हैं.’’ नाइक मुंबई से तीन बार विधायक और पांच बार सांसद रहे हैं. डॉ आंबेडकर के नाम में ‘रामजी’ जोड़ने का सुझाव देकर आरएसएस के हाथों में खेलने के दावों को बकवास करार देते हुए नाइक ने कहा, ‘‘जो लोग आंबेडकर को सिर्फ राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखते हैं, उन्होंने मेरे सुझाव का स्वागत किया है.’’ पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजनीति में शामिल कुछ लोग हर चीज को राजनीतिक चश्मे से देखते हैं. एक तरह से यह आंबेडकर के साथ अन्याय हो रहा है जो एक आदर्श हैं. जो भी हो रहा है, दुखद है.’’

नाइक ने कहा कि पिछले साल दिसंबर में उन्होंने प्रकाश आंबेडकर के सामने भी बी आर आंबेडकर के सही नाम का मुद्दा उठाया था. उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उनसे कहा था कि डॉ भीमराव आंबेडकर के नाम को उत्तर भारत में अंग्रेजी तथा हिंदी में ‘भीम राव आंबेडकर’ के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है. विश्वविद्यालयों का नाम भी इसी तरह का है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘ लोकसभा सचिवालय द्वारा प्रकाशित संविधान की प्रति के पृष्ठ पर संविधान सभा के सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हैं जो दर्शाता है कि डॉ बीआर आंबेडकर ने हिंदी में ‘भीमराव रामजी आंबेडकर’ और अंग्रेजी में‘ बी आर आंबेडकर’ के तौर पर हस्ताक्षर किए हैं.’’ नाइक ने कहा, ‘‘ सांसद के तौर पर मेरी पहल पर सरकार ने आंबेडकर की जन्म शताब्दी के मौके पर जो डाक टिकट जारी किया था उसमें भी उनका नाम हिंदी में डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर और अंग्रेजी में डॉ बी आर आंबेडकर है.’’

नाइक ने कहा, ‘‘ प्रतिष्ठित मराठी लेखक और पुणे विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ नरेंद्र जाधव ने हिंदी में आंबेडकर पर चार संस्करण का संपादन किया है और उसकी प्रस्तावना में उनका नाम डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर बताया है.’’

उत्तर प्रदेश सरकार ने 28 मार्च को सभी सरकारी रिकॉर्ड्स में डॉ आंबेडकर का नाम सही करके ‘डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर’ करने का आदेश जारी किया था.