न्यूयॉर्क| अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान हावर्ड यूनिवर्सिटी में संबोधन देते वक्त वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि भारत में एक सुस्त टैक्स सिस्टम है जिसे बदलने की कोशिश हम कर रहे हैं. हम टैक्स प्रणाली के बेस को बढ़ा रहे हैं, अभी कैश एक बड़ी समस्या है. वित्त मंत्री ने ये भी कहा कि देश की जनता ने सही तरीके से नहीं समझा. जेटली ने कहा, बैंको में पूरा पैसा आने का मतलब ये नहीं है कि सब पैसा वाइट है.

जेटली ने यह भी साफ़ किया कि देश का टैक्स डिपार्टमेंट काफी भ्रष्ट है. इसी के चलते सरकार टैक्स को ऑनलाइन भरने के लिए आसान बना रही है. जेटली ने आगे कहा कि गुवाहाटी में होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में रियल स्टेट को जीएसटी में लेन का फैसला हो सकता है.

इससे पहले न्यूयॉर्क के कोलंबिया विश्वविद्यालय के छात्रों को संबोधित करते हुए जेटली ने सरकार के नोटबंदी के फैसले को गोपनीय रखने का बचाव किया था और कहा था कि इसकी घोषणा में यदि पारदर्शिता बरती जाती तो यह ‘‘धोखाधड़ी की बड़ी वजह’’ बनता. जेटली ने ये भी कहा था कि जेटली ने कहा कि नोटबंदी और माल एवं सेवाकर (जीएसटी) जैसे सुधारों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को ‘और अधिक मजबूत रास्ते’ पर ला दिया है.

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जेटली ने कहा था कि अर्थव्यवस्था को औपचारिक बनाने के लिए अनौपचारिक और कालेधन पर आधारित अर्थव्यवस्था के खिलाफ एक के बाद एक कई कदम उठाए गए. उन्होंने कहा, ‘इनमें से नोटबंदी और जीएसटी ऐसे ही कुछ कदम हैं.