नई दिल्लीः कठुआ और उन्नाव गैंगरेप मामले को लेकर देश के 49 रिटायर्ड नौकरशाहों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ओपन लेटर लिखा है. नौकरशाहों ने लेटर में लिखा है कि आजादी के बाद से यह अब तक का सबसे अंधकारमय समय है. यह दिखाता है कि सरकार, राजनीतिक दल और नेता कितने कमजोर हैं. पूर्व नौकरशाहों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वह कठुआ और उन्नाव में पीड़ित परिवार से माफी मांगें. नौकशाहों ने इस मामले को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाने और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की अपील की है.

लेटर में कहा गया है कि उन्नाव और कठुआ गैंगरेप पीड़िता के परिवार से माफी मांगे. बिना किसी तरह की देरी किए हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले की सुनवाई हो. वहीं उन्नाव मामले में एसआईटी जांच की मांग की गई है. लेटर में कहा गया है कि हेट क्राइम के शिकार दलितों, मुस्लिमों और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए. उन सरकारी कर्मचारियों को हटाया जाए जो हेट स्पीच और हेट क्राइम में शामिल हैं. इस मामले को लेकर ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई जाए.

लेटर में कहा गया है कि ये दो घटनाएं सामान्य अपराध नहीं हैं, जो समय के साथ ठीक हो जाएंगी. इन घटनाओं ने हमारे सामाजिक ताने-बाने पर गहरी चोट की है. हमें जल्द ही अपने समाज के राजनीतिक और नैतिक ताने-बाने को ठीक करना होगा. यह समय हमारे अस्तित्व के संकट का समय है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कहा गया है कि भले ही आपने इस घटना की निंदा की है और इसे शर्मनाक बताया है, लेकिन आपने ना ही इसके पीछे काम कर रही सांप्रदायिकता की भावना की निंदा की और ना ही इसे दूर करने के लिए किसी तरह के सामाजिक, राजनीतिक या प्रशासनिक संकल्प दिखाया, जिसके तहत इस तरह की सांप्रदायिक पैदा होती है.

गौरतलब है कि कठुआ में 8 साल की बच्ची से गैंगरेप और हत्या वहीं उन्नाव में एक लड़की से गैंगरेप और उसके पिता की पुलिस कस्टडी में मौत के बाद देश गुस्से में है. उन्नाव मामले में रेप का आरोप बीजेपी के विधायक पर लगा है.

जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले के रसाना गांव में पीड़िता के पिता ने 12 जनवरी को हीरानगर पुलिस स्टेशन में बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी. उनके मुताबिक, लड़की जानवरों को चराने के लिए 10 जनवरी को दोपहर 12.30 बजे नजदीक के जंगल में गई थी लेकिन वापस नहीं लौटी. आरोप है कि बच्ची से 7 दिनों तक नशीली दवा खिलाकर गैंगरेप किया गया. पहले दुपट्टे से गला घोंटा गया और अंत में सिर पर पत्थर मारकर हत्या कर दी गई. यह दिल दहला देने वाली घटना एक धार्मिक स्थल (देवस्थान) पर हुई. गैंगरेप का मास्टरमाइंड उसी धार्मिक स्थल का केयरटेकर है जो की राजस्व अधिकारी रह चुका है. उसने अपने बेटे और भतीजे को इस जघन्य घटना में शामिल किया और धीरे-धीरे पुलिस भी इसमें शामिल हो गई. इस पूरे मामले में आरोपियों को बचाने के लिए लोग सामने आए और बकायदा एक मोर्चा बन गया.