भुवनेश्वर: जाति आधारित आरक्षण के विरोध में विभिन्न संगठनों द्वारा आहूत ‘भारत बंद’ से प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर जन-जीवन प्रभावित हुआ है. ‘भारत बंद’ का सर्वाधिक असर पश्चिमी ओडिशा में देखने को मिला है. आरक्षण के विरोध में किए गए ‘भारत बंद’ के कारण कई जिलों में शिक्षण संस्थान, दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं.

सड़कों पर बसों के न उतरने और प्रदर्शनकारियों द्वारा कई स्थानों पर रेलगाड़ियां रोके जाने के कारण परिवहन व्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है. पुलिस ने बताया कि नुआपाड़ा जिले के खरियार ब्लॉक में आरक्षण विरोधियों और समर्थकों का आमना-सामना होने से कुछ देर तनाव रहा. प्रदेश की राजधानी में एक सामाजिक संगठन रुद्र नारायण सेना ने विरोध प्रदर्शन करते हुए शहर में विभिन्न स्थानों पर धरना दिया.

संगठन के एक सदस्य ने कहा, “हम जाति आधारित आरक्षण की अपेक्षा आर्थिक आधार पर आरक्षण चाहते हैं. आर्थिक रूप से पिछड़े और गरीब लोगों को आरक्षण मिलना चाहिए.” बंद को देखते हुए बीजू पटनायक प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने मंगलवार को 88 परीक्षा केंद्रों पर होने वाली 55 विषयों की सेमेस्टर परीक्षाएं आगे बढ़ा दीं. विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि ये परीक्षाएं अब 12-20 अप्रैल के बीच होंगी.

पुलिस ने बताया कि ‘बंद’ के दौरान एहतियातन पर्याप्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं. एससी,एसटी अधिनियम पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के विरोध में विभिन्न संगठनों द्वारा दो अप्रैल को भारत बंद के बाद आरक्षण विरोधी संगठनों द्वारा सोशल मीडिया पर आरक्षण के विरोध में बंद का ऐलान करने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने के लिए कहा है. (इनपुट-एजेंसी)