नई दिल्ली| पटना के मशहूर मगध महिला कॉलेज प्रशासन के नए आदेश से बहस पैदा हो गई है. बहस का कारण है कॉलेज प्रबंधन का छात्राओं के ड्रेस पहनने का कोड लागू करना. मगध महिला कॉलेज पटना का मशहूर कॉलेज है जहां बिहार भर की छात्राएं पढ़ती हैं लेकिन कॉलेज प्रबंधन ने अब ये तय कर दिया है कि छात्राएं क्या पहनेंगी क्या नहीं. आपको बता दें कि नए फैसले में छात्राओं को जिंस, लेगिंग्स और पटियाला पहनकर कॉलेज आने पर पाबंदी लगा दी जाएगी. जो छात्राएं जींस, लेगिंग्स या पटियाला ड्रेस में दिख जाएगी उसपर जुर्माना भी लगाया जाएगा. कॉलेज प्रशासन ने छात्राओं के लिए क्या आदेश जारी किए है देखिए हमारी एक रिपोर्ट…

कॉलेज प्रिंसिपल का मानना है कि लड़कियों को एक 45-50 साल के बाद ही लिपस्टिक और आइलाइनर लगाना चाहिए. अभी उनके लिए लिपस्टिक ,मेकअप या आइलाइनर लगाना सही नहीं है. कॉलेज की नई प्रिंसिपल डॉक्टर शशि शर्मा के मुताबिक जींस तभी पहननी चाहिए जब उन्होंने बाजार या शॉपिंग मॉल जाना हो. जींस पहनने से लड़कियों में पढ़ाई का माहौल नहीं पैदा होता.

डॉक्टर शशि शर्मा, प्रिंसिपल, मगध महिला कॉलेज

प्रिंसिपल का कहना है कि जींस पहनने से पढ़ाई का फिल नहीं होती है, लड़कियों को कॉलेज या बाजार जाना नहीं होता है, उन्हें कॉलेज आना होता है, लिहाजा उनके लिए जींस जरूरी नहीं है. जिंस पहनने से ध्यान टूटता है.

मगध महिला कॉलेज प्रशासन का ये फैसला जनवरी से अमल में आएगा. क़ॉलेज प्रबंधन ने अपने फैसले से पिछे हटने से साफ इनकार कर दिया है. प्रिंसिपल शशि शर्मा के मुताबिक जो फैसले लिए गए हैं उनसे पीछे हटने का सवाल नहीं उठता है.

अब छात्राएं चूंकि कॉलेज में पढ़ती है लिहाजा उनके लिए मजबूरी में सही फैसले का समर्थन करने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं है. कुछ छात्राएं फैसले के समर्थन में कुछ दबी जुबान से इसे स्वीकार कर रही हैं.