नई दिल्ली: अगर आप एयर इंडिया में सफर करते हैं और आपको प्लेन में आगे की सीटों पर बैठना अच्छा लगता है तो ज्यादा पैसे चुकाने के लिए तैयार हो जाइए. एयर इंडिया ने अपने उन यात्रियों से टिकट के रूप में ज्यादा पैसे लेने का फैसला किया है जो प्लेन में फ्रंट और मिडल की पंक्तियों में बीच की सीट पर यात्रा करना चाहते हैं. विमान कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस कदम से अधिक सहायक राजस्व जुटाने में मदद मिलेगी जो कि कुल राजस्व के एक प्रतिशत से भी कम है. विनिवेश की प्रक्रिया से गुजर रही एयर इंडिया अब विमान की मध्य पंक्ति की सीटों के अग्रिम आरक्षण के लिए यात्रियों से अधिक शुल्क लेगी.

फिलहाल विमान की अग्रिम पंक्ति, बल्क हेड (विमान के दो कक्षों को अलग करने वाला हिस्सा) और आपातकाल निकास द्वार के पास स्थित पंक्ति की सीटों के लिए लोगों को शुल्क देना होता है. इन सीटों में पैर रखने की जगह अधिक होती है. ट्रैवल एजेंट को भेजी सूचना में एयर इंडिया ने कहा कि अग्रिम पंक्ति की मध्य की सीटों और विमान की मध्य पंक्ति की सीटों पर शुल्क लगेगा.

हालांकि, खिड़की , गलियारे और मध्य हिस्से की सीटों समेत विमान के पीछे के हिस्से की सभी सीटों पर कोई शुल्क नहीं लगेगा. छोटे विमानों के आखिर की 7 से 8 पंक्तियों और बड़े विमानों की आखिर की 9 से 14 पंक्तियों पर कोई शुल्क नहीं लगेगा. घरेलू उड़ान और कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए मध्य की सीटों के आरक्षण के लिए 100 रुपये शुल्क लगेगा. अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए शुल्क 200 रुपये या स्थानीय मुद्रा के अनुसार होगा.

एयर इंडिया के एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल, तय सीमा से ज्यादा सामान ले जाने वालों से एयर इंडिया को 100 करोड़ रुपए और पैसेंजर्स को बिजनेस क्लास में अपग्रेड करने से 200 करोड़ रुपए की कमाई होती है. हालांकि एयर इंडिया में छोटे बच्चों के लिए मुफ्त में यात्रा करने का प्रावधान है. पैसे देकर अपनी मनपंसद सीट चुनने की ये सुविधा प्लेन उड़ने से 4 घंटे पहले तक रहेगी.