नई दिल्ली| कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हो रहा है. मुंबई में पेट्रोल की कीमत 80 रुपए के करीब हो गई है. केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद से इंटरनैशनल मार्केट में कच्चे तेल के दाम लगभग 50 फीसदी तक कम हुए हैं मगर फिर भी पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ रहे है. इसके पीछे असली वजह है एक्साइज ड्यूटी. केंद्र सरकार ने पिछले कुछ सालों में एक्साइज ड्यूटी में कई गुना इजाफा किया है.

एक हिंदी पोर्टल की रिपोर्ट में लिखा गया है कि अनुमान के अनुसार पेट्रोल पर ड्यूटी 10 रुपए लीटर से बढ़कर करीब 22 रुपए कर दी गई है. आइए जानते हैं कि कैसे लगभग 27 रुपये का पेट्रोल हमारे पास आते-आते 70 और 80 रुपए का हो जाता है.

दिल्ली में 13 सितम्बर को पेट्रोल की कीमत 70 रुपए थी. एक लीटर पेट्रोल की रिफाइनरी से खरीदने की कीमत 26.65 रुपए होती है. इस पर 4.5 रुपए मार्केटिंग मार्जिन और खर्च आता है और इस पर 21.48 रुपए सेंट्रल टैक्स लगता है. इसके बाद टोटल 52रुपए 18 पैसे हो जाती है. फिर इसमें डीलर का कमीशन 3 रुपये 24 पैसे होता है और इसके बाद लोकल वैट और सेस 14.96 रुपये लगता है. इन सब के बाद आपको पेट्रोल 70 रुपए में खरीदना पड़ता है.