नई दिल्ली। संसद के मॉनसूत्र सत्र से पहले आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सत्र के रचनात्मकता के साथ चलने की उम्मीद जताई. पीएम मोदी ने खास तौर पर जीएसटी का जिक्र करते हुए कहा कि उम्मीद है कि यह जीएसटी की भावना के साथ चलेगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जीएसटी की भावना का दूसरा नाम है, ‘ एक साथ विकसित और मजबूत होना’. मुझे उम्मीद है कि मानसून सत्र जीएसटी की भावना के साथ चलेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उम्मीद जताई कि जीएसटी की सफल ‘बारिशें’ मानसून सत्र को वैसी ही खुशबू से भर देंगी जैसी कि बरसात के बाद सूखी मिट्टी से सौंधी-सौंधी खुशबू आती है.

पीएम ने कहा, मैं आशा करता हूं कि सभी राजनीतिक दल, सांसद राष्ट्रीय हित के लिए काम करेंगे, उच्च स्तर की बहस करेंगे और सार्थक योगदान देंगे. यह सत्र देश को राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति चुनने का अवसर दे रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सत्र अनेक रूप से महत्‍वपूर्ण है. 15 अगस्‍त को आजादी के सात दशक यात्रा पूर्ण कर रहे हैं. 09 अगस्‍त को सत्र के दरम्‍यान ही अगस्‍त क्रांति के 75 साल हो रहे हैं. ‘भारत छोड़ों आंदोलन के 75 साल का यह अवसर है. यही सत्र है जब देश को नए राष्‍ट्रपति और नए उपराष्‍ट्रपति चुनने का अवसर मिला है। एक प्रकार से राष्‍ट्र जीवन के अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण घटनाओं से भरा हुआ यह कालखंड है. और इसलिए स्‍वाभाविक है कि देशवासियों का ध्‍यान हमेशा की तरह इस मानसून सत्र पर विशेष रहेगा.

मोदी ने कहा कि जब हम मानसून सत्र का प्रारंभ कर रहे हैं तो उस प्रांरभ में, हम देश के उन किसानों को नमन करते हैं जो इस ऋतु में कठोर परिश्रम करके देशवासियों के खाद्य सुरक्षा का इंतजाम करते हैं और उन्‍हीं को नमन करते हुए यह सत्र का प्रारंभ होता है.

बता दें कि आज से मॉनसून सत्र शुरू हो गया है. हालांकि बीजेपी सांसद विनोद खन्ना और केंद्रीय मंत्री अनिल माधव दवे के असमय निधन के चलते उन्हें श्रद्धांजलि दने के बाद संसद को आज दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया.