प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में बीजेपी सांसदों कम हाजिरी पर नाराजगी जताई है। पीएम ने सांसदों से दोनों सदनों में हाजिर रहने के लिए कहा है। सूत्रों के मुताबिक मोदी ने नाराजगी जताते हुए सांसदों से कहा कि गैरहाजिर रहने पर आपसे फोन पर कभी भी बात की जा सकती है। मोदी ने बीजेपी की संसदीय बैठक में अपनी नाराजगी जाहिर की। कहा जा रहा है कि ऐसा पहली बार है जब मोदी ने इतना सख्त संदेश दिया हो।

सांसदों की कम हाजिरी को लेकर विपक्ष भी मोदी सरकार पर निशाना साधता रहता है। सोमवार को राज्यसभा में कुछ प्रश्न पूछे गए, थे लेकिन उनसे संबंधित मंत्री राज्यसभा में मौजूद ही नहीं थे। प्रश्नकाल के पूरा होने तक राज्यसभा में कुछ ही मंत्री बचे थे। इनमें निर्मला सीतारमण और संजीव बाल्यान जैसे नाम शामिल हैं। लेकिन दोनों ही केंद्रीय कैबिनेट का हिस्सा नहीं हैं। बजट सत्र 31 जनवरी को शुरू हुआ था और 12 अप्रैल को खत्म होगा।

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दरअसल, बीजेपी संसदीय दल की बैठक जीएसटी पर सरकार का रुख लोगों के सामने रखने और  6 अप्रैल को बीजेपी स्थापना दिवस पर कार्यक्रमों को लकेर बुलाई गई थी। पीएम ने सांसदों से कहा कि वह लोगों को बताएं कि जीएसटी कितना बड़ा फैसला है, इसका कितना फायदा लोगों को होगा।

बता दें कि मोदी ने बीजेपी सदस्यों को संसद में मौजूद रहने के लिए पहले भी कहा है, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि उन्हें इतनी कड़ाई से अपनी बात रखी है। मोदी ने पार्टी सदस्यों से यह भी कहा है कि वे स्वच्छता अभियान के लिए कम से कम एक घंटे का वक्त दें।

सांसदों की कम हाजिरी को लेकर कांग्रेस नेता लगातार राज्यसभा के चेयरमैन हामिद अंसारी को शिकायत करते रहे हैं। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा था कि यह मैक्सिमम मिनिस्टर्स, मिनिमम गवर्नेंस का उदाहरण है।