नई दिल्ली. भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुटता की अपील करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि हर राजनीतिक दल की जिम्‍मेदारी है कि वह अपने बीच मौजूद दागी नेताओं को पहचाने और उन्‍हें अपने दल की राजनीतिक यात्रा से अलग करे क्योंकि सार्वजनिक जीवन में भ्रष्ट नेताओं पर कार्रवाई आवश्‍यक है.

संसद के सोमवार से शुरू होने वाले सत्र से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कई दशकों में नेताओं की साख हमारे बीच के ही कुछ नेताओं के बर्ताव की वजह से कठघरे में है. हमें जनता को ये भरोसा दिलाना ही होगा कि हर नेता दागी नहीं, हर नेता पैसे के पीछे नहीं भागता. इसलिए सार्वजनिक जीवन में स्‍वच्‍छता के साथ ही भ्रष्ट नेताओं पर कार्रवाई भी आवश्‍यक है.

मोदी ने कहा कि हर राजनीतिक दल की जिम्‍मेदारी है कि वह अपने बीच मौजूद ऐसे नेताओं को पहचाने और उन्‍हें अपने दल की राजनीतिक यात्रा से अलग करता चले. कानून अगर अपना काम कर रहा है तो सियासी साजिश की बात करके बचने का रास्‍ता देख रहे लोगों के प्रति हमें एकजुट होकर काम करना होगा.

भ्रष्‍टाचार के खिलाफ कार्रवाई पर उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने देश को लूटा है, उनके साथ खड़े रह कर देश को कुछ हासिल नहीं होगा. राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद एवं उनके परिवार के कुछ सदस्यों के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के मामले और ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेताओं के खिलाफ अनियमितताओं के मामले की कानून अनुपालन एजेंसियों द्वारा जांच किये जाने के मद्देनजर प्रधानमंत्री का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

कुछ विपक्षी दल इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहे हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि कल से मॉनसून सत्र का प्रारंभ हो रहा है. आज समय की मांग है कि समय का ज्‍यादा से ज्‍यादा सदुपयोग हो. एक-दो अपवादों को छोड़ दें तो पिछले तीन वर्षों मे लगभग हर सत्र में संसद के कामकाज के मामले में काफी बढ़ोतरी हुई है. मैं इसके लिए हर राजनितिक दल को धन्‍यवाद देता हूं.

भाषा से इनपुट के साथ