पश्चिम बंगाल में समाज सेवी संस्थाओं द्वारा बच्चों की तस्करी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने वृद्धाश्रम और मानसिक रुप से विकलांग बच्चों के संरक्षण गृह पर पुलिस ने छापा मारकर 13 बच्चों को बचाया है। साथ ही दो नवजात बच्चों के कंकाल भी मिले हैं। इसे अंर्राष्ट्रीय तस्करी का मामला बताया जा रहा है।

इन 13 बच्चों में से 10 बच्चे 1 साल से भी कम उम्र के हैं, इन्हें दक्षिण 24 परगना स्थित एक समाजसेवी संस्था के मानसिक विकलांग गृह  में पाया गया था। उत्तरी 24 परगना स्थित एक एडॉप्शन सेंटर के परिसर में दो नवजात बच्चों के कंकाल मिले हैं।

गौरतलब है कि एक अस्पताल में बिस्कुट के डिब्बों में नवजात शिशुओं के मिलने के बाद मामले की जांच कर रही पुलिस ने इस रैकेट का भंडाफोड़ किया है। 23 नवंबर को कोलकता से 80 किलोमीटर दूर बदुरिया के एक अस्पताल में छापे के दौरान पुलिस ने दो बच्चे बरामद किए जो तीन दिन पहले जन्मे थे।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बीएल मीना ने बताया, “ये अस्पताल उन अकेली महिलाओं को निशाना बनाता था जो गर्भपात करवाने आती थीं, उनके सामने जन्म के बाद उनका बच्चा खरीदने की पेशकश रखी जाती थी।”

पुलिस के मुताबिक अस्पताल लड़के के लिए तीन लाख रुपए और लड़की के लिए एक लाख रुपए लेता था। जिन बच्चों का रंग गोरा होता था उनकी कीमत बढ़ा दी जाती थी।

पुलिस अधिकारी मीना ने बताया कि कुछ मामलों में गरीब औरतों के बच्चों को जन्म के फौरन बाद चोरी कर लिया गया। उन माओं से कहा जाता था कि जन्म के दौरान उनके बच्चे की मौत हो गई। यह भी पढ़ें: नाना ने अपने ही बेटी के बच्चे को बेचा और फेसबुक पर लगी बोली

बीएल मीना ने बताया ”जब महिलाएं अपने मृत बच्चे को देखने की मंशा जाहिर करतीं तो उनको ना देखने की सलाह दी जाती थी। इसलिए कई माएं बिना बच्चे को देखे ही वापस लौट जाती थीं। अगर वो बच्चे को देखने के लिए जोर देतीं तो उन्हें चुप रहने के लिए रिश्वत दी जाती थी।”

इसके बाद बच्चों को बिस्किट के कंटेनर्स में एडॉप्शन सेंटर्स, मानसिक विकलांग गृहों और वृद्धाश्रमों में तस्करी के लिए भेज दिया जाता है, जहां उनको गोद लिए जाने तक रखा जाता है। पुलिस का मानना है कि पिछले दो साल में 30 से ज़्यादा बच्चों को दिल्ली, चेन्नई और ब्रिटेन में बेचा गया है। इस मामले में पुलिस ने 18 लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें  क्लीनिक चलाने वाले लोग, बिचौलिए, डॉक्टर्स, चैरिटी के मालिक कोर्ट के क्लर्क भी शामिल हैं।