सुप्रीम कोर्ट के चार जजों की चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया से मतभेद और इनकी प्रेस कांफ्रेंस से न्यायपालिका में भूचाल आ गया है. इसे लेकर अब सियासत का दौर भी शुरू हो गया है. हालांकि, अभी तक सरकार ने इस विवाद से दूरी बनाकर रखी है लेकिन विपक्षी दल मौका लपकने से नहीं चूक रहे. कांग्रेस ने इस विवाद के मद्देनजर अहम बैठक बुलाई है. वहीं टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने सरकार को निशाने पर लिया है. 

सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस, SC पर लगाए गंभीर आरोप

सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस, SC पर लगाए गंभीर आरोप

चार वरिष्ठ जजों जस्टिस जी. चेलामेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस कुरियन जोसेफ और जस्टिस मदन बी.लोकुर ने प्रेस कांफ्रेंस पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्र पर गंभीर आरोप लगाए. इसके बाद ना सिर्फ न्यायपालिका में भूचाल आ गया बल्कि सियासी जगत में भी हलचल मच गई. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अहम बैठक बुलाई जिसमें वकील सांसद शामिल हैं.

वहीं टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर हमला बोला. ममता ने कहा, हम सुप्रीम कोर्ट के आज के घटनाक्रम से काफी दुखी हैं. न्यायालय के मामलों के बारे में सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ माननीय न्यायाधीशों के बयान से हमें जो कुछ पता चल रहा है, उससे हम नागरिक के तौर पर काफी दुखी हैं. न्यायपालिका और मीडिया लोकतंत्र के स्तंभ हैं. न्यायपालिका में केंद्र सरकार का अत्यधिक दखल लोकतंत्र के लिए खतरनाक है.

वहीं, सीपीआई नेता डी राजा ने जस्टिस चेलामेश्वर से मुलाकात भी की. इसे लेकर अब कई तरह के कयास लग रहे हैं. जब मामला न्यायपालिका में विवाद का है तो डी राजा उनसे मिलने क्यों पहुंचे.


इस मुलाकात पर सफाई देते हुए डी राजा ने कहा कि मैं उन्हें लंबे समय से जानता हूं. जब मुझे पता लगा कि उन्होंने और दूसरे जजों ने इस तरह का कदम उठाया तो मैंने सोचा कि उनसे मिलना चाहिए. मैं इसे सियासी रंग नहीं दे रहा हूं. ये सभी के लिए चिंता का विषय है. ये देश और लोकतंत्र के बारे में है.