गुड़गांव: पिछले तीन दशक से ज्यादा समय से विश्व हिंदू परिषद (विहिप) से जुड़े रहे प्रवीण तोगड़िया ने शनिवार को संगठन छोड़ने की घोषणा की और कहा कि वह हिंदुत्व के मुद्दे को प्रचारित करने के लिए मंगलवार से अनिश्चितकालीन अनशन करेंगे. दिसंबर 2011 से विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के पद पर रहे तोगड़िया ने एक प्रेस कांफ्रेंस में यह घोषणा उस वक्त की जब विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए उनके उम्मीदवार को वोटिंग में हार का सामना करना पड़ा. विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए पांच दशकों में पहली बार चुनाव कराए गए हैं.

तोगड़िया ने कहा, ‘‘मैं अब विहिप में नहीं हूं. मैं 32 साल तक इसमें था. हिंदुओं के कल्याण के लिए मैंने अपना घर छोड़ा और अच्छी-खासी मेडिकल प्रैक्टिस छोड़ी. ‘हिंदू पहले’ मेरी जिंदगी का मिशन है और मंगलवार से मैं अहमदाबाद में अनिश्चितकालीन अनशन करूंगा ताकि हिंदुओं की लंबे समय से लंबित मांगें पूरी की जा सकें.’’

हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल वी एस कोकजे को आज विहिप का अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया. कोकजे को 131 वोट मिले और उन्होंने 60 वोट पाने वाले राघव रेड्डी को हराया. विहिप के 192 प्रतिनिधि गुड़गांव में हुए मतदान में वोट डालने के लिए पात्र थे. बहरहाल, रेड्डी की वकालत कर रहे तोगड़िया ने मतदान में अनियमितता का आरोप लगाया. तोगड़िया पिछले कुछ समय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व की आलोचना करते रहे हैं. उनका आरोप है कि सत्ता हासिल करने के बाद बीजेपी सरकार अपने उद्देश्यों से भटक गई है. कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उन्होंने शिकायत की थी कि लोगों ने बीजेपी को राम मंदिर के निर्माण के लिए चुना है, न कि तीन तलाक पर कानून बनाने के लिए.