नई दिल्ली। 17 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इस बीच एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म्स एंड नेशनल इलेक्शन वॉच (एडीआर) ने विधायकों-सांसदों के हलफनामे का विश्लेषण किया है. इसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. एडीआर के मुताबिक इस बार 1,581 वैसे सांसद और विधायक राष्ट्रपति चुनाव में भाग लेंगे जिनके ऊपर आपराधिक मामले दर्ज हैं. इसके अलावा करीब 71 प्रतिशत जनप्रतिनिधि करोड़पति हैं. एडीआर ने ने यह जानकारी 4,896 में से 4,852 विधायकों व सांसदों के हलफनामे के विश्लेषण के आधार पर दी है.

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4,852 सांसद व विधायकों में से 993 (20 फीसदी) ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलों की जानकारी दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, “जिन विधायकों तथा सांसदों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की घोषणा की है, उनका कुल वोट 3,67,393 (34 फीसदी) है, जबकि कुल वोट 10,91,472 है.’ 4,852 सांसदों व विधायकों में से 3,460 (71 फीसदी) ने चुनाव लड़ते वक्त निर्वाचन आयोग को दी गई जानकारी में खुद को करोड़पति बताया है.

Ram Nath Kovind - Meira Kumar
रामनाथ कोविंद-मीरा कुमार

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मतदाता मंडल में शामिल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के 31 फीसदी, कांग्रेस के 26 फीसदी, तृणमूल कांग्रेस के 29 फीसदी, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के 49 फीसदी तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के 58 फीसदी विधायकों व सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. निर्वाचक मंडल में महिलाओं की संख्या केवल नौ फीसदी है. 4,852 सांसदों व विधायकों में महिलाओं की संख्या केवल 451 है.

राष्ट्रपति चुनाव 17 जुलाई को होगा. केंद्र में सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने रामनाथ कोविंद को अपना उम्मीदवार घोषित किया है, जबकि विपक्ष ने लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया है.