नई दिल्लीः बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सुरक्षा वापस लेने से संबंधित मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेटर लिखा है. राबड़ी देवी ने कहा है कि जिस तरह से उनसे और उनको परिवार से सुरक्षा वापस ली गई है उसके बाद परिवार की सुरक्षा पूरी तरह ध्वस्त हो गई है. उन्होंने कहा कि दिखावे मात्र के लिए सुरक्षा कर्मी नहीं रखना चाहती हैं. इसलिए मैं सुरक्षा में तैनात बाकी सुरक्षा कर्मियों और गाड़ियों को वापस लौटा रही हूं. अगर मेरे और मेरे परिवार के साथ किसी तरह की अप्रिय घटना होती है इसकी जिम्मेदारी गृह विभाग और गृह मंत्री की होगी. गौरतलब है कि गृह विभाग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास है.

राबड़ी देवी ने नीतीश कुमार और सुशील मोदी की सरकार पर चाल चलने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव जेल में हैं. हमें नहीं पता हो सकता है कि दवाई देकर उनकी हत्या कर दी जाए. उनका शुगर लेवल बढ़ रहा है. मैं सरकार पर कैसे भरोसा करूं. अगर सरकार हमें हमारा घर छोड़ने के लिए कहती है तो इसके लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि रात 9 बजे हमसे सुरक्षा हटा ली गई. यह सरकार क्या कर रही है. यह मुझे और मेरे परिवार की हत्या की साजिश है.

इससे पहले राबड़ी देवी के बेटे और विपक्ष के नात तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया, हम नीतीश कुमार की तरह डरपोक और बुजदिल नहीं जो अपनी सुरक्षा के लिए 800 जवान तैनात रखेंगे. हमारे द्वारा लौटाए हुए सुरक्षाकर्मियों को नीतीश कुमार अपनी सुरक्षा में लगाकर संख्या बल बढ़ा संतुष्टि प्राप्त कर सकते हैं. हम ग़रीब जनता के बीच रहते है जनता ही हमारी असल प्रहरी है.

मेरी माता राबड़ी देवी जी ने पूर्व CM की हैसियत से प्राप्त सुरक्षा, मेरे भाई को विधायक के नाते और मुझे नेता प्रतिपक्ष के नाते प्राप्त सुरक्षा को बिहार के सीएम नीतीश कुमार को वापस सौंप रहे है ताकि वो तुच्छ ईर्ष्यालु कार्य छोड़ सकारात्मक कार्यों पर ध्यान केन्द्रित कर सके. विगत 10 महीने से सुरक्षा की श्रेणी निर्धारित करने और बढ़ाने के लिए अनेकों बार नीतीश कुमार के अधीन गृह विभाग को लिखा लेकिन ईर्ष्यावश बहाने दर बहाने नीतीश कुमार बढ़ाने की बजाय इसमें कटौती कर रहे है. आज CBI पूछताछ के बाद नीतीश कुमार ने तुरंत हाउस गार्डस को हटाने का आदेश दिया है.