अमृतसर: राधे मां को अक्सर आपने टीवी पर मीडियाकर्मियों से बात करते जरूर सुना होगा. राधे मां ऐसी शख्सियत हैं जो अमूमन विवादित बयान के कारण चर्चा में बनी रहती हैं. आज आपको राधे मां के एक नए अवतार से रूबरू कराते हैं जोकि भक्तिभाव से ताल्लुक रखता है. मीडिया में छाई रहने वाली राधे मां आज गोल्डन टेम्पल पहुंची. यहां पहुंचकर उन्होंने लंगर सेवा के लिए 20 लाख रुपए के कीमत के बर्तन दान में दिए. राधे मां ने स्वर्ण मंदिर में माथा टेकने के बाद लंगर हॉल में 12,000 थालियां, तकरीबन 10,000 ग्लास और 10,000 चम्मच और अन्य बर्तन दान किए.

इस मौके पर राधे मां ने मीडियाकर्मियों से कहा कि उनकी कोई हैसियत नहीं है कि वो स्वर्ण मंदिर में कुछ दान कर सकें. वह सिर्फ सेवा करने के लिए और जो कुछ गुरु ने उनको दिया है, उसमें से उनको कुछ अर्पण करने के लिए पहुंची हैं. राधे मां ने कहा कि स्वर्ण मंदिर के अलावा कोई और तीर्थ स्थल होता तब भी इसी श्रृद्धा से वहां जाती और दान देकर खुद को धन्य समझती. जानकारी के मुताबिक स्वर्ण मंदिर को इतने सारे बर्तन दान में मिलने के बाद अब श्रृद्धालुओं को नए बर्तनों में खाना मिल सकेगा.

बता दें कि राधे मां कुछ समय पहले उस वक्त विवादों में आयी थी जब पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति की याचिका पर राधे मां के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था. याचिका दाखिल करने वाले व्यक्ति ने राधे मां पर उसे धमकाने की भी शिकायत की थी. राधे मां के समर्थकों का मानना है कि राधे मां दुर्गा मां का अवतार है. 52 वर्षीय राधे मां हमेशा लाल और सुनहरे जोड़े में ही नजर आती हैं. कुछ खबरों में कहा गया था कि राधे मां किसी वेब सीरीज में एक्टिंग डेब्यू भी कर सकती हैं.

कौन हैं राधे मां

राधे मां का जन्म पंजाब के गुरदासपुर जिले के दोरंगाला गांव में हुआ था. उनके बचपन का नाम सुखविंदर कौर था. 17 साल की उम्र में राधे मां की शादी मोहन सिंह नाम के व्यक्ति से हुई थी. इसके बाद राधे मां 23 साल की उम्र में 1008 परमहंस बाग डेरा मुकेरियन के महंत रामदीन दास की शिष्या बन गई. महंत राम दीन ने ही उन्हें राधे मां की उपाधि दी थी. फिलहाल राधे मां मुंबई के बोरीवली इलाके में रहती हैं.