दावणगेरे: कर्नाटक में जन आशीर्वाद यात्रा कर रहे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह विभिन्न संस्थाओं में आरएसएस के लोगों को बिठा कर और उनसे आदेश दिला कर इन संस्थाओं का निरादर कर रही है और उन्हें ध्वस्त कर रही है. राहुल ने शहर के व्यापारियों से बात करते हुए कहा कि यदि कांग्रेस सत्ता में आती है, तो वह इन संस्थाओं को आरएसएस के नियंत्रण से मुक्त कराएगी.

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं नहीं जानता कि क्या आप सबों को यह पता है कि प्रत्येक मंत्री के कार्यालय में आरएसएस का एक आदमी बैठा हुआ है और आदेश दे रहा है. इसलिए आप क्या उम्मीद कर सकते हैं, संस्थाओं के निरादर के सिवा. इस ढांचे के चलते देश की बैंकिंग प्रणाली ध्वस्त हो गई है.’’ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘ नीरव मोदी और मेहुल चोकसी कौन हैं?’’ उन्होंने कहा कि जब आपने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) जैसी संस्थाओं का सम्मान नहीं किया, तब इन लोगों का उदय हुआ.

राहुल ने कहा कि भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके करीबी रिश्तेदार चोकसी पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले के केंद्र में है. गौरतलब है कि राहुल ने एक कंपनी की 650 करोड़ रूपये की कर्ज अदायगी उसके प्रमोटर द्वारा नहीं करने से केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के कथित संबंधों को लेकर मंगलवार को उन्हें निशाना बनाया था. उन्होंने कहा कि आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने नोटबंदी के खिलाफ सलाह दी थी. राहुल ने दावा किया कि मुख्य आर्थिक सलाहकार, केंद्रीय वित्त मंत्री और समूचा कैबिनेट प्रधानमंत्री की नोटबंदी की योजना से अनजान था.

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ नोटबंदी से पहले समूचे कैबिनेट को कमरे में बंद कर दिया गया, कैबिनेट मंत्रियों को कमरे से बाहर नहीं निकलने दिया गया.’’ बेरोजगारी के सवाल पर राहुल ने कहा कि कांग्रेस निर्माण कार्य, कृषि और अन्य क्षेत्रों में छोटे और मझोले स्तर के कारोबारों को प्रोत्साहन देकर इसका समाधान करेगी. कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि चीन रोजगार सृजन करने में सफल है क्योंकि उसकी सरकार अपने कार्यबल को कौशल प्रशिक्षण देती है.