बेंगलूरुः कर्नाटक में राज्य निर्वाचन अधिकारियों ने क्रिकेटर राहुल द्रविड़ को राज्य विधानसभा चुनाव का आइकन बनाया है. इसके साथ ही दिव्यांग सरकारी कर्मचारियों को कुछ मतदान केंद्रो में मतदान कर्मी बनाने समेत नई पहल की गई है. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि राहुल द्रविड़ राज्य विधानसभा चुनाव के आइकन हैं. फिल्म एवं संगीत निदेशक योगराज भट एक शीर्षक गीत तैयार कर रहे हैं जो 2018 कर्नाटक चुनाव का गान होगा और इसे एक हफ्ते में रिलीज किया जाएगा.

कुमार ने कहा कि कुछ ऐसे सरकारी कर्मचारी हैं जो दिव्यांग हैं. वह चुनिंदा मतदान केंद्रों पर मतदानकर्मी के तौर पर चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे. हम उन्हें प्रोत्साहित कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पूरी तरह से 450 महिला मतदान केंद्र बनाए जाएंगे. गौरतलब है कि कर्नाटक में 12 मई को चुनाव होगा वहीं नतीजे 15 मई को आएंगे.

4.96 करोड़ मतदाता
कर्नाटक में 4.96 करोड़ मतदाता हैं. दिव्यांग मतदाताओं के लिए चुनाव में खास इंतजाम किया गया है. ईवीएम के साथ वीवीपैट का इस्तेमाल होगा. 97 प्रतिशत मतदाताओं को फोटो पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं. 56 हजार पोलिंग बूथ बनाए गए हैं. 450 मतदान केंद्रों की व्यवस्था पूरी तरह से महिलाएं संभालेंगी. कर्नाटक की जनसंख्या में 72 फीसदी वोटर हैं. चुनाव प्रचार के दौरान रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं होगा. चुनाव के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती होगी.

फेसबुक चुनाव आयोग का सोशल मीडिया पार्टनर बना रहेगा
मुख्य चुनाव आयुक्त ओ पी रावत ने मंगलवार को कहा कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान फेसबुक चुनाव आयोग का सोशल मीडिया पार्टनर बना रहेगा. उन्होंने कहा कि चूक की कुछ घटनाओं की वजह से सोशल मीडिया का इस्तेमाल बंद नहीं किया जा सकता. उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग का सोशल मीडिया प्रकोष्ठ नेताओं और राजनैतिक दलों के ऐप के उपभोक्ताओं की रजामंदी के बिना उनका डेटा साझा करने के मुद्दे की पड़ताल करेगा. उन्होंने कहा कि प्रकोष्ठ इस मुद्दे पर चुनाव आयोग को अपनी सिफारिश देगा. इसके बाद आयोग फैसला करेगा.

अभी कांग्रेस सत्ता में है
2013 के विधानसभा चुनाव में राज्य की कुल 224 सीटों में से कांग्रेस ने 122 सीटें जीती थी. जबकि बीजेपी 40 और जेडीएस ने 40 सीटों पर कब्जा किया था. बीजेपी से बगावत कर चुनाव लड़ने वाले बीएस येदियुरप्पा की केजेपी महज 6 सीटें जीत सकी थी. इसके अलावा अन्य को 16 सीटें मिली थी. हालांकि बाद में येदियुरप्पा दोबारा से बीजेपी के साथ आ गए.